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घरों के आसपास गड्ढे बन रहे बच्चों के लिए जानलेवा

7 वर्ष पहले
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घरोंके आसपास के गड्ढे ही छोटे बच्चों के लिए जानलेवा बन रहे हैं। हाल ही में हुआ रूजिया गांव में 4 साल के मासूम की पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। पहले भी इस तरह के कई हादसे हुए है, लेकिन सभी मसले प्राकृतिक मौत मानकर दब चुके हैं।

शहर से करीब 15 किमी दूर रूजिया गांव में रविवार को घर के पिछवाड़े में बने पानी से भरे गड्‌ढे में हुई चार वर्षीय बालक की मौत ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि स्वयं जागरूक होते हुए आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, ताकि इस तरह के हादसे नहीं हो।

कहने तो महज यह इत्तफाक है, परंतु ग्राम पंचायत से लेकर बड़े स्तर पर यह प्रावधान तय करना जरूरी होगा कि जो भी गड्ढा खोदे तो उस गड्ढे से बच्चों की हिफाजत करें।

करीब 3 साल पहले भी ऐसा ही मामला आबापुरा क्षेत्र में हुआ था। इसके बाद एडवाइजरी के तौर जिला परिषद और पुलिस प्रशासन ने निर्देश जारी किए थे कि खुले में कोई गड्ढा नहीं छोड़ें। इसके बावजूद, तो कोई जागृति आई है और ही ऐसा कोई माहौल बना है जिसका असर इस तरह से आम लोगों में हुआ हो, कि गड्ढे नहीं खोदें या खोदे भी सही तो उसे ढंककर रखें।

यह कर सकते हैं हम

विशेषज्ञ की सलाह

बच्चोंकी गुणवत्ता शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञ कौशल पंड्या के अनुसार यदि तीन बातों का ग्राम पंचायत के माध्यम से ध्यान रखा जाए तो इस तरह के हादसों को आसानी से रोका जा सकता है। पंड्या के मुताबिक ग्राम पंचायत में यह नियम बन जाए कि कोई भी गड्ढा खोदे, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो तो ही इसकी अनुमति दी जाए। अनुमति का प्रावधान नहीं हो तो बोर्ड में प्रस्ताव पारित कर बनाया जाए। दूसरा यह है कि हर व्यक्ति स्वयं सोचे और इस बात को लेकर ध्यान रखे। तीसरी बात यह हो सकती है कि इस दिशा में पहल कोई एनजीओ करें और जागरुकता लेकर गांवों में कार्यक्रम चलाए। ऐसा शिक्षा विभाग भी कर सकता है।

गड्ढे ने ली थी दो दोस्तों की जान

केसरपुरा ग्राम पंचायत के पाड़ला गांव में तीन साल पहले 5 और 6 साल के दो नन्हे दोस्तों की जान भी कुआ खोदने की गरज से परिजनों द्वारा खोदे गड्ढे ने ली थी। इस गांव में 6 साल के कैलाश पिता सीताराम और साढ़े 5 साल के शंभुलाल पिता लोकेश की मौत गड्ढे में गिरने से हुई थी। यहां पर भी एक परिवार में तो बेटा इकलौता था। परिवार की ओर से खेतों में पानी के लिए कुआं खोद