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शिव कथा में 9 कुंडीय महारुद्र की पूर्णाहुति
बांसवाड़ा| शहरके कुशलबाग मैदान में 2 दिसंबर से चल रहे 9 कुंडीय महारुद्र की सोमवार को पं. किशोर शुक्ला के आचार्यत्व में पूर्णाहुति हुई। महारुद्र के अंतिम दिन कथावाचक संत गिरि बापू का भी सानिध्य मिला। महारुद्र में 9 यजमानों ने सामूहिक रूप से आहुतियां देकर विश्वशांति, गौसेवा, धर्म-संस्कृति की रक्षा, खुशहाली की कामना की। पं. शुक्ला सहित विप्रवरों ने यजमानों से विधि विधान से पूजा-अर्चना करवाई। सुबह शिवकथा वाचक गिरि बापू यज्ञ मंडप में पहुंचे और मुख्य यजमान नारायणलाल त्रिवेदी ठीकरिया परिवार के साथ प्रधान कुंड में आहुतियां दी। यज्ञ मंडप में गिरि बापू का सानिध्य पाने वालों की भीड़ उमड़ी। शहर की सभापति मंजुबाला पुराेहित ने भी यज्ञ मंडप में आकर पूजा-अर्चना की। साथ ही अाहुतियां देकर शहर की खुशहाली की कामना की।
येरहे 9 कुंडीय महारुद्र के यजमान
नारायणलालत्रिवेदी, दुर्गाशंकर ठाकाेर, परमेश्वर जोशी ठीकरिया, देवीलाल पानेरी बड़ोदिया, नगेंद्र दोसी, विश्वेश्वर जोशी, नीमेष मेहता, बांसवाड़ा, परमेश्वर पंड्या छींच, गोमतीशंकर पंड्या परिवार बांसला 9 कुंडीय महारुद्र के यजमान रहे। इसके अलावा पौथी प्राप्त करने के लाभार्थी भी महारुद्र में मौजूद रहे।
गोरक्षाका दिलवाया संकल्प
कार्यक्रमको संबोधित करते हुए गोरक्षा प्रमुख भुवनमुकंद पंड्या ने गौहत्या पर चिंता जताते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और गोरक्षा का संकल्प दिलवाया। पंड्या ने कहा कि लोढ़ी काशी के नाम से प्रख्यात इस पावन धरा पर समय-समय पर इस प्रकार के अायोजन होना गौरव की बात है।
इनकारहा सहयोग : आयोजितसमिति के सचिव डॉ. राजेश जोशी ने बताया कि शिवकथा और धार्मिक आयोजन में शिवकथा आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शांतिलाल चौबीसा, संयोजक टीआर जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट लक्ष्मीकांत त्रिवेदी, बालूभाई त्रिवेदी, मानस मंडल के महेश पंचाल, भवानीशंकर पंड्या, मोहनलाल जोशी, शरद त्रिवेदी का सहयोग रहा।
त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज और शिवकथा आयोजन समिति की ओर से आयाेजित शिवकथा में सोमवार को कथावाचक गिरि बापू ने भगवान शिव को चढ़ाने वाले बिल्वपत्र की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को बिल्वपत्र अर्पित करने से मानव जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन और पाप का नाश होता है। शंख, पुष्प, बिल्वपत्र, दुर्वा अर्पण करने से महादेव प्रसन्न रहते हैं