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नगर परिषद से बकाया वसूली में पीएचईडी को छूटा पसीना
पिछलेतीन सालों से नगर परिषद से बकाया 40 लाख रुपए की राशि की वसूली को लेकर जलदाय विभाग के पसीने छूट गए हैं। अब नए सिरे से विभाग जुगत लगा रहा है, ताकि राशि आसानी से मिल जाए। पानी की सप्लाई से जुड़ी बकाया राशि वसूलने के लिए विभाग ने अफसरों से मार्गदर्शन मांगा है, वहीं स्थानीय स्तर पर भी इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कई बार नगर परिषद को नोटिस देने के बाद भी विभाग को राशि नहीं मिली है। हालांकि विभाग ने राजनीतिक दबाव के चलते राशि को लेकर कभी दबाव डाला। ऐसे में हालात यह हो गए है कि 40 लाख रुपए की राशि नगर परिषद से कैसे ली जाए। प्रारंभ में तो नगर परिषद के आर्थिक हालात ठीक नहीं थे, लेकिन अब तो स्थिति बेहतर है। ऐेसे में विभागीय अफसरों को नए बोर्ड से उम्मीद है कि काम हो जाएगा। इस पूरे मामले का खुलासा दैनिक भास्कर ने किया। इसके बाद ही विभाग हरकत में आया और बकाया राशि वसूलने का उपाय ढूंढ रहा है।
2 दिसंबर को प्रकाशित खबर
हमने विभागीय अफसरों को बता दिया है। हर महीने बकाया की रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। हमारा प्रयास यही है कि विभाग को राशि मिल जाए, ताकि देनदारी नहीं बढ़े।\\\'\\\' -अशोकचावला, एसई,पीएचईडी
दूसरी ओर लगभग 24 लाख रुपए की राशि आम उपभोक्ताओं की बकाया है। हालांकि उपभोक्ताओं के मामले में विभाग ने औसत राशि मानकर बिल जारी करते है। ऐसे में सवाल यह भी है कि जब तक मीटर के मामले में विभाग उचित रवैया नहीं अपनाएगा, तब तक बिल में भी लेटलतीफी होनी तय है। विभाग चाहता है कि एक बार उपभोक्ता स्वयं आगे आकर बिल जमा कराए, ताकि जागरूकता आएगी।
औसत राशि का बिल जारी करने का भी नुकसान