- Hindi News
- मंत्रीजी, 255 से ज्यादा छात्राएं मांग रही है स्कूटी
मंत्रीजी, 255 से ज्यादा छात्राएं मांग रही है स्कूटी
इसपूरे मामले में राज्यमंत्री चाहे तो सीधे ही टीएडी मंत्री से बातचीत कर पिछले सत्रों की छात्राओं के लिए स्कूटी की मंजूरी दिला सकते हैं। टीएडी के लिए बजट कोई इश्यू नहीं है। शिक्षा विभाग के उपनिदेशक रहे गणेशलाल पटेल कहते हैं कि टीएडी में बजट का अभाव हो नहीं सकता है। यह तो कोई अंदरूनी मामला है, जिस वजह से विभाग स्वीकृति नहीं दे रहा है।
विभाग का बहाना - मंजूरी नहीं मिली
छात्राओंको स्कूटी देने के मामले में टीएडी का कहना है कि बजट नहीं है। सवाल यहां पर भी यही है कि करोड़ों रुपए की राशि जब एक सत्र की बालिकाओं के लिए खर्च की जाती है तो पिछले सत्रों की छात्राओं के साथ नाइंसाफी क्यों। जब स्कूटी बांटी, तब भी यह सवाल उठा था, तब सहायक परियोजना अधिकारी बुद्धिसागर उपाध्याय ने बताया था कि पिछले सत्रों के लिए स्वीकृति नहीं मिली थी।
जिला परिषद की बैठक में मामला उठने के बाद हमारी आेर से हम विभाग को पत्र लिख रहे हैं। पत्र लिखकर स्वीकृति की मांग की जाएगी। हालांकि अंतिम फैसला विभाग का ही हो सकता है।\\\'\\\' -भुवनेशपंड्या, सहायकपरियोजना अधिकारी, टीएडी
भास्कर न्यूज|बांसवाड़ा
राज्यमंत्रीजीतमल खांट से स्थानीय प्रतिभावान छात्राएं फोन करके सवाल करती हैं कि आपकी बेटी प्रथम आती तो आप क्या करते। खांट ने बुधवार को हुई जिला परिषद की बैठक में इस बात का खुलासा किया था, जबकि हमारे यहां 255 से ज्यादा छात्राओं का सवाल है कि आखिर उन्हें सभी प्रकार की पात्रता होने के बावजूद अब तक स्कूटी क्यों नहीं मिली। इन छात्राओं की मानें तो कसूर केवल यही है कि उन्होंने कांग्रेस राज में पात्रता हासिल की थी।
गौरतलब है कि सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग ने 2011-12 में चयनित हुई 255 से ज्यादा छात्राओं को स्कूटी देने से अघोषित इंकार कर दिया है। जबकि इस सत्र के बाद में चयनित हुई छात्राओं को स्कूटी दी जा चुकी है। दूसरी ओर यह सवाल अब इसलिए उठा है कि जिला परिषद की बैठक में मंत्री खांट ने मुद्दा उठाया था। स्कूटी का मामला सीधे ही टीएडी उदयपुर से जुड़ा होता है।
ऐसे में यहां के अफसरों का स्वीकृति को लेकर कोई भी जानकारी नहीं है। वहीं अगस्त माह में टीएडी उदयपुर को बांसवाड़ा टीएडी और शिक्षा विभाग की ओर से 2011 से लेकर 2013 तक की चयनित बालिकाओं की सूची भेजी थी, जिसमें से टीएडी ने केवल 2013 की सूची पर ही स्वीकृति जारी