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टाट में कर दी ओएमआर शीट की पैकिंग डाकघर की आपत्ति पर बनाए नए बंडल

5 वर्ष पहले
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डाकघर में सुरक्षा नियमों की परवाह नहीं की गई। परिसर में ओएमआर शीट के पैकेट टाट-बोरी से बदलकर सूती कपड़े में पैकिंग की गई।

भास्करस संवाददाता | बांसवाड़ा

पटवारभर्ती परीक्षा तो शांति से हो गई, लेकिन उत्तरपुस्तिकाओं के रूप में ओएमआर शीट जमा कराने के लिए पोस्टऑफिस परिसर में केंद्राधीक्षकों को माथापच्ची करनी पड़ी। कुछ देर तक हंगामा भी हुआ, आखिर नई पैकिंग करने के बाद ही डाकघर कर्मचारियों ने ओएमआर शीट के बंडल स्वीकार किए।

इसके पहले कर्मचारी चयन बोर्ड के स्पष्ट आदेशों के अभाव में अधिकांश केंद्राधीक्षकों ने टाट-बोरी में ओएमआर शीट के बंडल बनाकर पैकिंग कर दी। फिर उसे पोस्टऑफिस कार्यालय में रजिस्टर्ड एडी के माध्यम से जमा कराने के लिए पहुंचे। डाकघर कर्मियों ने टाट को देखकर ओएमआर शीट लेने से इनकार कर दिया। केंद्राधीक्षक भी इन्हें जमा कराने पर अड़े रहे। लेकिन, पोस्टऑफिस के अधिकारी इस बात को लेकर नहीं माने। आखिर नया कपड़ा मंगवाना पड़ा। चपड़ी, मोमबत्ती, केंद्र की सील, माचिस को केंद्र से मंगवाकर पोस्टऑफिस में ही नए बंडल तैयार किए गए। इस तरह से ओएमआर शीट को जमा कराया गया। शनिवार शाम 7 बजे तक यहां पेपर जमा कराए जाते रहे।

सुरक्षापर सवाल, ऐसे नहीं थे निर्देश : सामान्यनियम यह कहता है कि केंद्र पर ही ओएमआर शीट की पूरी पैकिंग होने के बाद ही सुरक्षा घेरे में या 3 से ज्यादा केंद्र के कर्मचारियों की निगरानी में ही निर्धारित स्थान तक पहुंचाई जाती है। पटवार भर्ती परीक्षा में यह नियम फेल हो गया। परीक्षा निर्देशिका के तहत ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया था कि ओएमआर शीट की पैकिंग सूती के कपड़े में करनी है। इसी वजह से अधिकांश केंद्राधीक्षकों ने टाट की बोरियों पैकिंग में कर दी।

नूतन स्कूल के संस्थाप्रधान मावजी खांट ने बताया कि बाेरी में पैकिंग स्वीकार नहीं की, इसलिए अन्य कपड़े से पैकिंग की गई। हालांकि इससे सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पैकिंगके भी ऐसे-ऐसे तरीके : दूसरीओर डाकघर में हालात यह बन गए कि कोई कहीं पर भी खड़े होकर ओएमआर शीट की पैकिंग कर रहा था। कोई कोने पर पैकिंग करना शुरू कर दिया, किसी ने गेट पर ही पैकिंग की। कुछ केंद्रों के लोगों ने डाकघर के प्रवेशद्वार पर ही चपड़ी से सील लगाई। उनका कहना था कि पहले बोरी से बांधकर लाए थे, इसलिए यहां पर कपड़ा बदलना पड़ा।

पहलीबार डाक से जाएंगी ओएमआर शीट

संभवत:ऐसा पहली बार हो रहा है कि परीक्षा कराने की जिम्मेदारी प्रशासन निभा रहा है, लेकिन उत्तरपुस्तिका के रूप में ओएमआर शीट को बोर्ड कार्यालय भेजने की जिम्मेदारी डाक विभाग को दी है। इसी वजह से केंद्राधीक्षक सीधे ही ओएमआर शीट के बंडल डाक विभाग को जमा कराते रहे। वैसे प्रशासन की ओर से संग्रहण केंद्र बनाया जाता है और जहां पर पूरे जिले की ओएमआर शीट जमा होती है। बाद में पुलिस सुरक्षा के बीच वाहन से भेजी जाती है। अब तक तो यहीं व्यवस्था थी, लेकिन पहली बार व्यवस्थाएं बदली है।

सुरक्षासे जुड़ा मामला

^यहसुरक्षा से जुड़ा मामला है। टाट कभी भी फट सकता है और पैकिंग बिखर सकती है। ऐसे में ओएमआर शीट की जिम्मेदारी किसकी, इसलिए सूती के मजबूत कपड़े से बांधने के बाद ही इसे स्वीकार किया है। -तिलकेश शर्मा, अधीक्षक, स्थानीय डाकघर

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