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प्रतापगढ़ से जुड़े हैं बांसवाड़ा में बड़े अपराधों के तार

5 वर्ष पहले
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12-13 फरवरी को प्रकाशित

भास्कर संवाददाता |बांसवाड़ा

शहरमें बड़ी अापराधिक वारदातों के तार प्रतापगढ़ के एक गांव से जुड़े हुए हैं। ज्यादातर स्थानीय वारदातों में पेशेवर शूटर भी प्रतापगढ़ से बुलाए जाते रहे हैं।

पुलिस की हालिया कार्रवाई में धरे गए 16 संगीन अपराधियों में से आधे शातिर प्रतापगढ़ जिले से हैं। खास बात यह है कि इनमें से भी 6 संगीन अपराधी इसी जिले के एक ही गांव से है। रठांजना थाने का साकरिया वह गांव है, जहां से फिरदौस खान, चांद खां, पुष्पेंद्रसिंह, रहीम खान, अमजद खान और गुलबाज खान जैसे शातिर अपराधी ताल्लुक रखते हैं। दरअसल, ये 6 शातिर इसी गांव से निकलकर संगीन अपराधों को अंजाम देते रहे हैं। बांसवाड़ा समेत कई थानों में इनके खिलाफ अापराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

इसके अलावा शाॅर्प शूटर अयूब खां और अमदज खां जैसे संगीन अपराधी भी प्रतापगढ़ जिले से ही हैं। शार्प शूटर अयूब खां के खिलाफ पुलिस थानों में हत्या, डकैती, बलवा जैसे 15 केस दर्ज हो चुके हैं। शहर कोतवाली में साल 2014 में आर्म्स एक्ट के दो केस दर्ज हो चुके हैं। सदर हुसैन अबुलाल हत्याकांड में भी अयूब खा कां नाम सामने आया था। दूसरे नंबर अमजद खान आता है।

कोतवाली में साल 2014 में हत्या के एक मामले में यह आरोपी है। चांद खां पर कोतवाली में मई, 2014 में आर्म्स एक्ट का केस हो चुका है। फिरदौस खान पर कोतवाली के अलावा रठांजना थाने में दो केस दर्ज हैं। देखने वाली बात यह भी है कि इनमें से ज्यादातर अपराधियों पर कोतवाली में आर्म्स एक्ट में केस दर्ज हैं। ऐसे में शहर में अवैध हथियारों को पहुंचाने में इनका हाथ होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। वहीं, ये तो ऐसे अपराधी हैं, जिनका पुलिस रिकाॅर्ड है, जबकि इनके ही और भी साथी हो सकते हैं, जिनकी शहर में वारदातों में संलिप्तता रही होगी, पर पुलिस अब तक उन तक पहुंच नहीं पाई है। पुलिस अब बाकी अपराधियों के भी थानों से रिकाॅर्ड मंगवा रही है।

आगेक्या-बड़ी वारदातों के खुलासे संभव

इधर,रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपियों से एक-एक करके गहन पूछताछ कर रही है। इनके जरिए पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली है। जिससे संभवत: पुलिस कई मामलों में बड़े खुलासे कर सकती है। हालांकि पुलिस अभी कुछ भी बता नहीं रही है। जांच अधिकारी सदर सीआई बाबूलाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर एक-एक की क्राॅस जांच भी की जा रही है। 16 आरोपी होने से पूछताछ में समय लग रहा है। एसपी-एडिशनल एसपी के निर्देशन में की जा रही कार्रवाई के चलते इन दो दिनों में अधीनस्थ पुलिस अधिकारी भी ज्यादा डिटेल जानकारी देकर खुलासा करने से बच रहे हैं। इसके पीछे सुरक्षा कारणों और पूरी तफ्तीश में समय लगने को वजह बताया जा रहा है। आरोपी चूंकि शातिर हैं, इसलिए केस को कमजोर करने का दबाव भी बनवा सकते हैं।

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