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नौकरी करते बरस बीते, अब मिलेगी लीडर बनने की ट्रेनिंग

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

शिक्षाविभाग में नौकरी करते-करते बरसों हो गए। अब तक इन शिक्षकों के हाथों से कई विद्यार्थियों का भविष्य निखर चुका है, लेकिन लीडर कैसे बनें, किस तरह से बनें और स्कूल में बतौर लीडर काम कैसे करें, इसकी ट्रेनिंग अब मिलेगी। माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत पहली बार लीडरशिप की ट्रेनिंग देने का काम शुरू हुआ है।

पहले चरण में बांसवाड़ा से 44 स्कूलों के संस्थाप्रधानों को लीडरशिप की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद इन स्कूलों में प्रशिक्षित संस्थाप्रधानों के स्कूल संचालन में भूमिका को लेकर मूल्यांकन होगा। आखिर में पास होते हैं तो ठीक, नहीं होते हैं तो भी अपने आप में सुधार लाने की नीति पर आगे काम होगा। हालांकि अधिकारियों की मानें तो यह एक तरह से शुरुआत है। इसका असर भविष्य में सकारात्मक पड़ेगा। अब तक व्यक्तित्व विकास के तरीके सिखाने का काम कई संस्थानों के माध्यम से होता रहा है, लेकिन पहली बार विभागीय स्तर इसे शुरू किया है।

यह सीखने को मिलेगा : स्कूलसंचालन को लेकर विशेष प्रशिक्षण, स्कूल के भौतिक विकास में भामाशाह से योगदान कैसे लें, विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई के लिए आपस में कैसे जोड़ें, स्कूल में इनोवेट वर्किंग क्या ओर कैसे शुरू करें।

पहलेचरण में इन्हें मिलेगा मौका

रमसाके प्रभारी जयदीप पुरोहित ने बताया कि पहले चरण में इस वर्ष घोषित आदर्श स्कूलों के संस्थाप्रधान, मां शारदे हॉस्टल की संस्थाप्रधान, सर्वाधिक नामांकन वाले स्कूलों के संस्थाप्रधान आदि को मौका दिया जाएगा। यदि कोई अनुपस्थित रहता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी प्रस्तावित है।

ट्रेनिंग18 से 21 तक गढ़ी में होगी

बांसवाड़ा,डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों के चयनित स्कूलों के संस्थाप्रधानों की ट्रेनिंग डाइट कार्यालय गढ़ी में 18 से 21 फरवरी तक कराई जाएगी। जिसमें बांसवाड़ा से 44, डूंगरपुर से 25 और प्रतापगढ़ की 19 स्कूलों में संस्थाप्रधान शामिल होंगे।

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