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‘सत्संग ही दिलाता है वहम-व्यसन से मुक्ति’

5 वर्ष पहले
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गौरेश्वरमंदिर परिसर में चल रही शिवकथा में कथाकार गिरि बापू ने नीति एवं शास्त्र की मर्यादा के अनुरूप जीवन जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को विनाश के कारक वासना, वहम और व्यसन से मुक्ति सत्संग की शरण में आने से मिल सकती है।

गायत्री परिवार एवं गौरेश्वर विकास समिति के सानिध्य में चल रही कथा में बापू ने पांडाल में व्यसन मुक्ति का संकल्प दिलाते हुए कहा कि लोग शिव के नाम पर भंग पीते हैं, लेकिन किसी भी धर्मशास्त्र में शिव को मादक द्रव्य अर्पित करना नहीं बताया है। जो व्यसन मुक्त हो, वही शिवभक्त है। उन्होंने कहा कि हम पेड़ की जड़ों में पानी पिलाते हैं। पत्तियों को नहीं जड़ों मेें डाला गया पानी पेड़ के हर अंग में पहुंच जाता है। वैसे ही ब्रह्मांड के मूल में शिव है और शिव पूजन, अभिषेक महामंत्र ऊं नम: शिवाय का जाप करने से पूरा ब्रह्मांड तृप्त हो जाता है और सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल मिल जाता है। उन्होंने कहा कि किसी के पापों को नहीं देखना ही प्रदोष है और प्रदोष काल में शिव पूजन करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। कथा में वागे डमरू वागे एवं ऊं नम: शिवाय की धुन पर श्रद्धालु नाचते नजर आए।

कथा से पूर्व पोथी व्यास पीठ पूजन मुख्य यजमान कमलेश सिंह राव एवं परिवार, महाप्रसाद भामाशाह विद्याशंकर पुरोहित जेठाणा, महारुद्र यजमान भेमजी पाटीदार भगवान पाटीदार अंबाड़ा, शिवराम पाटीदार दीवड़ा बड़ा, देवकीनंदन भट्ट गोवाड़ी, मणिलाल दर्जी दीवड़ा छोटा ताजेंग पाटीदार ने किया। संचालन भूपेंद्र पंड्या दीपक जोशी ने किया। बेणेश्वर पीठाधीश अच्युतानंद महाराज पूर्व मंत्री कनकमल कटारा ने कथाकार गिरि बापू का शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष सत्यनारायण सोनी, अनिल वाडेल, सीताराम आश्रम के महंत मोतीराम पुरोहित, चीतरी एसएचओ, दिनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। शिवकथा सुनने डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा जिलों से अनेक श्रद्धालुओं के पहुंचने से अतिरिक्त बैठक व्यवस्था करनी पड़ी।

श्रोताओंने धार्मिक साहित्य खरीदने में दिखाई रुचि : शिवकथास्थल पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के लगे पुस्तक मेले में श्रोताओं ने साहित्य की खरीददारी की।

मेला संयोजक तुलसीराम व्यास ने बताया कि श्रीराम आचार्य का मथुरा से मंगवाया साहित्य सस्ती दर पर मिलने से लोगों ने खरीदने में रुचि दिखाई। मेला प्रभारी भगवतीलाल पंचाल के अनुसार गायत्री परिवार द्वारा प्रकाशित दुर्लभ धार्मिक साहित्य उपलब्ध करवाया जा रहा है।

गिरि बापू का बाहुमान करते बेणेश्वर पीठाधीश अच्युतानंदजी पूर्व मंत्री कटारा।

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