पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • आपराधिक पृष्ठभूमि भी काफी संगीन

आपराधिक पृष्ठभूमि भी काफी संगीन

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
{इरशाद खान- 7 केस

{अब्दुल रहुब- 5 मुकदमे

{ अयूब खां- 15 मुकदमे

{ इम्तियाज अहमद- 12 मुकदमे

{सिराज अहमद- 22 मुकदमे

इधर, पुलिस ने होटल की घेराबंदी कर पकड़े दो शूटर

हथियार बरामदगी के 24 घंटे बाद सिराज के घर छापा

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

शहरमें डकैती-हत्या की बड़ी वारदात की साजिश रचते हथियारों से लेस 16 शातिर अपराधियों की धरपकड़ के पूरे 24 घंटे बाद बाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद के घर छापा मारा। पृथ्वीगंज होली चौक स्थित घर पर एएसपी गणपति महावर और शहर कोतवाल क्यूआरटी के जवान और भारी पुलिस जाब्ते को लेकर सिराज के घर पहुंचे। मोहल्ले में इनती पुलिस को एकाएक देख लोग घरों से बाहर निकल आए।

कड़ी सुरक्षा के बीच सिराज जब पुलिस वाहन से नीचे उतरा तो लोग उसे देखते रहे, पर सिराज मुस्कुराता रहा। पुलिस ने करीब 40-50 मिनट तक मकान में चप्पे-चप्पे की छानबीन की। हालांकि हथियारों की बरामदगी के दूसरे दिन बाद सिराज के घर की तलाशी को लेकर पुलिस का कहना है कि सदर थानाप्रभारी को क्लू मिला था कि सिराज के घर पर और हथियार हो सकते हैं। पूछताछ में भी पुलिस को सिराज के हावभाव से शक हुआ। जिस पर उसे लेकर मकान की तलाशी ली गई।

हथियारों को ढूंढ़ने के लिए पुलिस ने मकान का कोना-कोना छान मारा, लेकिन खाली हाथ ही लौटना पड़ा। ऐसी बातें भी सामने रही हैं कि सिराज ने पूछताछ में कुछ खुलासे किए हैं, जिनकी क्रॉस जांच के लिए उसके सामने परिजनों से भी जानकारी ली गई है। हालांकि पुलिस अधिकारी हथियारों की तलाशी के लिए जाना ही बता रहे हैं।

अमजद खान पर 3 केस दर्ज हैं। प्रतापगढ़ जिले के रठांजना थाने के साकरिया गांव निवासी अमजद पर प्रतापगढ़ में एक और दो कोतवाली में प्रकरण दर्ज है। कोतवाली में हत्या और आर्म्स एक्ट और लूट के मामले में आरोपी ,है जिनमें एक ट्रायल है, जबकि दूसरे की जांच बाकी है। प्रतापगढ़ के साकरिया गांव निवासी फिरदौस खान पुत्र मुन्ने खान की उम्र महज 21 साल है। उसके खिलाफ बलवा, लूट और मारपीट के तीन केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से लूट और आर्म्स एक्ट का केस हाल ही में हथियारों के साथ पकड़े जाने पर दर्ज हुआ है। इसी गांव निवासी चांद खां पुत्र अयूब खां पर कोतवाली में आर्म्स एक्ट के दो केस दर्ज है। उदयपुर के खेरादीवाड़ा चौक सूरजपोल निवासी सिकंदर पुत्र इकबाल पर अलग-अलग मामलों में कुल 7 केस दर्ज हो चुके हैं। सभी केस जैर ट्रायल है। इनमें से कोतवाली में 2014 में हत्या के प्रयास में (307), धानमंडी में 2012 में हत्या के प्रयास में और दो आर्म्स एक्ट के मुकदमे शामिल है। इसके अलावा गिरफ्तार बाकी अपराधियों पर भी अन्य मामलों में केस दर्ज हैं। वहीं उनकी इन शातिर और संगनी अपराधियों से संपर्क बना हुआ है।

गढ़ी डूगरी मोहल्ला और हाल हुसैनीचौक बांसवाड़ा निवासी इरशाद पर हत्या (302) और आर्म्स एक्ट में कोतवाली में एक, बलवा के 3 और लूट का एक केस दर्ज है। जबकि बलवा के एक मामले में वह बरी हो चुका है, बाकी मामले अभी पेंडिंग है।

मदार कॉलोनी निवासी अब्दुल रहुब पर बलवा (147) के 3 केस, नुकसान पहुंचाने, आर्म्स एक्ट में एक केस दर्ज हुए हैं। इनमें से एक में बरी, बलवा के दो केस में सजा हो चुकी है।

प्रतापगढ़ के चनियाखेड़ी निवासी अयूब खां शाॅर्प शूटर माना जाता है और इसके खिलाफ प्रतापगढ़, उदयपुर, कोटा और बांसवाड़ा कोतवाली में दर्ज हैं। कोतवाली में हत्या (302) के एक मामले में आरोपी है। अयूब पर अलग-अलग थानों में आर्म्स एक्ट में 6, हत्या (302) में एक के अलावा बलवा और मारपीट के केस दर्ज हो चुके हैं।

पृथ्वीगंज, होली चौक निवासी इम्तियाज हिस्ट्रीशीटर है। सिराज का भाई है। हत्या (302) हत्या के प्रयास के 2006 के एक मामले में उम्रकैद की सजा, प्रकरण की अपील हाईकोर्ट में निर्णय शेष। हत्या के प्रयास (307) के चार मामलों में केस दर्ज। दो में बरी, एक में सजा और एक में कोर्ट में विचाराधीन। मारपीट और अन्य मामलों में भी मुकदमे हो चुके हैं।

पृथ्वीगंज, होली चौक निवासी सिराज हार्डकोर अपराधी है। कोतवाली में हिस्ट्रीशीटर है। अंजुमन सदर अबुलाला हत्याकांड में भी मुख्य आरोपी है। इसके खिलाफ हत्या (302) के 2 केस, लूट (394)के 2 केस, बलवा के 2 केस, हत्या के प्रयास (307)के 5 केस के अलावा आर्म्स एक्ट, मारपीट, जबरन पैसे मांगना, राजकार्य में बाधा जैसे करीब 22 प्रकरण दर्ज रहे हैं। इनमें से कई मामलों में राजीनामा हो गया, कुछ मामलों में बरी, तो कुछ कोर्ट में विचाराधीन है। जबकि तीन मामलों में सजा भी हुई है।

12 फरवरी को प्रकाशित

अपने घर से तलाशी के बाद मंद मुस्कुराता हुआ सिराज।

सभी आरोपी चार दिन के रिमांड पर

इधर,पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेएम कोर्ट में पेश किया। आरोपियों को कोर्ट में लाने के दौरान करीब 25 पुलिस और एमबीसी के जवान साथ रहे। कोर्ट में बचाव पक्ष वकील की ओर से 8 आरोपी, जिनके पास से हथियार बरामद नहीं हुए हैं, को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की दलील दी गई, जिस पर कोर्ट ने हथियारों के साथ पकड़े जाने पर संगीन मामला बताते हुए सभी आरोपियों को चार दिन तक पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। कोतवाल ने बताया कि पुलिस की ओर से सुरक्षा के लिए आरोपियों को हथकड़ियां लगाने की आवश्यकता जताने पर कोर्ट ने इसकी स्वीकृति दी।

आरोपी और पुलिस दोनों नहीं बता रहे हैं सच

16जनों के हथियारों के साथ एक जगह जुटने और उसके बाद उनकी गिरफ्तारी के बाद भी अब तक यह खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिर वे किस वारदात को अंजाम देने के लिए जुटे हुए थे। पुलिस ने आईपीसी की धारा 399, 402 और आर्म्स एक्ट में में केस दर्ज किया है, लेकिन क्या किसकी हत्या और कहां पर डकैती की साजिश रच रहे थे, इसमें जांच प्रभावित हो, इसके लिए पुलिस अभी इसका खुलासा नहीं करना चाह रही है। पूछताछ में पुलिस को कुछ खास तरह की जानकारियां मिली हैं।

पृथ्वीगंज में शुक्रवार शाम सिराज को जब पुलिस वापस ले जा रही थी, इस दौरान वह पूरी तरह सहज ही दिखा। उसके चेहरे पर कोई शिकन या तनाव नजर नहीं था। सिराज ने जाते-जाते कुछ लोगों से अपने अंदाज में कहा-की लाला चिंता मत करो, मैं थोड़े दिनों में वापस आऊंगा।

शहर में और भी हो सकते हैं अवैध हथियार

पुलिसने जिस शक के आधार पर सिराज के घर जाकर हथियारों की तलाशी की, इससे एक बात साफ है कि पुलिस को और भी अवैध हथियार होने की आशंका है। जिस तरह से आरोपियों के पास से इतनी बड़ी तादाद में हथियार मिले हैं, इससे शहर में अवैध हथियारों की खेप हाेने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। कुछ दिन पहले ही एक बर्ड-डे पार्टी में भी हवा में फायर करने का मामला भी सामने चुका है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने लाइसेंसशुदा हथियारों की तस्दीक भी शुरू कर दी है। पुलिस कार्रवाई को देख एक बात साफ है कि आरोपियों से पूछताछ में कई खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

सिराज के घर बाहर तैनात क्यूआरटी की टीम के जवान।

पृथ्वीगंज में सिराज के घर की तलाशी के दौरान लगी भीड़।

खबरें और भी हैं...