बांसवाडा। केंद्र सरकार की ओर से पेन कार्ड नंबर जरूरी करने के नए नियम के खिलाफ सर्राफा कारोबारी बुधवार को सड़क पर उतर आए। उनका कहना है कि इस नियम से तो कारोबार करना दुश्वार हो गया है। अपना विरोध जताने के लिए भले उन्होंने दुकानें बंद नहीं रखी, लेकिन सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन को अपनी व्यथा बताई। इसके विपरीत डूंगरपुर में आधे दिन और सांगवाड़ा में पूरे दिन इन कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
सराफा एसाेसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सराफा व्यापार में 2 लाख रुपए के क्रय विक्रय पर पेनकार्ड नंबर की अनिवार्यता का विरोध किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप कुमार वाणावत, सचिव महावीर नश्नावत के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी अंशदीप रल्ह आईएएस को सरकार के नाम ज्ञापन दिया, जिसमें बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्री द्वारा 1 जनवरी 2016 से व्यापार में क्रय विक्रय पर पेन कार्ड प्रस्तुत करने अनिवार्यता से सराफा व्यापारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
इस कारण विरोधस्वरूप पूर्व में भी सराफा एसोसिएशन की ओर से शांतिपूर्ण केंडल मार्च निकाला गया था। ज्वैलर्स व्यापार में भारत सरकार को 3.5 प्रतिशत जीडीपी के योगदान का हवाला देते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि 86 प्रतिशत नागरिकों के पास आज भी पेन कार्ड नहीं है। साथ ही सोना चांदी का व्यापार एक तरह से इन्वेस्टमेंट है।
ज्वैलरी खरीदी का काम महिलाएं करती हैं, जिनके पास पेन कार्ड नहीं होता है। जिससे व्यापार करना दुश्वार हो गया है। एसोसिएशन ने भारत के राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में दो लाख के व्यापार पर पेनकार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने का आग्रह किया है। इस अवसर पर अनिल भाई सराफ, ऋषभ जैन, जयेश सोनी, पवन कुमार जैन, राहुल जैन, लोकेंद्र जैन, विशाल दोसी, अनुज सराफ साथ रहे।