सिंधी सेज पर झूमे भक्त, लगाए जयघोष के नारे
सूरजामाता मंदिर द्वारा संत रतूराम शादीपली वालों की 44वीं वरसी उत्सव सिंधी समाज द्वारा धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान निकाली गई शोभायात्रा में....हिन्द जिये हिन्द वारा जियन पर भक्त झूम उठे। सुबह 10 बजे मंदिर से माया बाई के सान्निध्य में संत रतूराम की यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा अहिंसा चौराहा स्टेशन रोड, गांधीचौक, सदर बाजार, प्रतापजी की प्रोल, लक्ष्मी सिनेमा होते हुए मंदिर वापस मंदिर पहुंच विसर्जित हुई।
शोभायात्रा में ढोल नगाड़े की धुन पर भक्त सिंधी छेज पर उत्साह श्रद्धा से झूम रहे थे। उनके पीछ माताएं कलश लिए चल रही थीं। शोभायात्रा में संत रतूराम की मूर्ति, सूरजा माता मां अंबे की मूर्ति रथ पर विराजमान थी। साथ में झांकियां भी चल रही थीं। शहर के मुख्य मार्ग पर पुष्प वर्षा से शोभायात्रा का स्वागत सत्कार सिंधी बंधुओं सिंधी वेलफेयर सोसायटी एवं सर्व सिन्धी समाज महासभा राजस्थान के कार्यकर्ताओं ने किया गया। शोभायात्रा में जगह-जगह युवाओं द्वारा संत रतूराम के जयघोष के नारे लगा रहे थे। शोभायात्रा में सिंधी समाज के लोग पवन राजवानी, वासुमल वासुजा, भगवानदास ठारवानी, भगवानदास आसवानी, टोपूमल चेतानी, गुलाबचंद खूबचंदानी, कारूमल लालवानी, गोविन्दराम लालवानी, दुर्गेश मेंघाणी, शोभराजमल, नारायण कटारी, दिलीप बादलानी, ललित मामनाणी, आलूमल, रमेश कुमार, कमलेश कुमार आदि साथ चल रहे थे। शाम पांच बजे सत्संग का आयोजन हुआ। सिंधी वेलफेयर सेासायटी के अध्यक्ष भगवानदास आसवानी ने बताया कि 15 फरवरी को सुबह 10 बजे पाठ साहब का भोग लगेगा। दोपहर 1 बजे मंदिर द्वारा आम लंगर का आयोजन होगा।
बाड़मेर. संत रतुराराम वरसी पर शोभायात्रा में कलश लेकर शामिल हुई महिलाएं।