फर्जी पट्टे निरस्त होंगे, कमेटी चिह्नित करेगी अतिक्रमण
फर्जीतरीके से बनाए पट्टे निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए नगर परिषद ने विशेष कमेटी का गठन किया है, जो इस तरह के फर्जी पट्टों को चिन्हित करेगी। इसके अलावा करोड़ों की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए परिषद ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को इसके लिए विशेष कमेटी गठित की गई है, जो अतिक्रमण को चिन्हित कर उसकी रिपोर्ट तैयार करेंगी। कलेक्टर ने भी इस पर मुहर लगा दी है, 16 फरवरी से अतिक्रमण हटाओ अभियान के लिए विशेष टीम सर्वे कर सरकारी अतिक्रमण को चिन्हित कर रिपोर्ट आयुक्त और कलेक्टर के समक्ष पेश करेंगी। जिसके बाद अतिक्रमण हटाया जाएगा।
बाड़मेर शहर आसपास की 300 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मुद्दे को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाते हुए नगर परिषद और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद बुधवार आयुक्त ने अपने कार्मिकों और अधिकारियों की बैठक लेकर अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस नीति बनाने की प्लानिंग तय की।
ऐसेतैयार होगी अतिक्रमण की रिपोर्ट : 16फरवरी से गठित कमेटी नगर परिषद को हस्तांतरित भूमि किस आदेश के तहत प्राप्त हुई। उसकी जमाबंदी, नक्शा ट्रेस की प्रमाणित प्रति लेते हुए उसका मौके पर भौतिक सत्यापन कर अतिक्रमण का प्रकार, अतिक्रमी का नाम सहित खसरावार एवं योजनावार रिपोर्ट तैयार करेगी। साथ ही इस रिपोर्ट में न्यायिक विवाद की स्थिति का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।
10 सदस्स्यों की टीम गठित, 16 से शुरू होगा सर्वे
^अतिक्रमणहटाने के लिए टीम गठित कर दी गई है। कलेक्टर से भी मुलाकात कर अवगत करवाया गया है। नगर परिषद अधिकारी, कार्मिकों के साथ पटवारी और आरआई को भी शामिल किया गया है। 16 फरवरी से टीम सर्वे शुरू करेगी। इसमें मौका स्थल की पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद अतिक्रमण हटाकर हाथों हाथ उसे नीलाम भी किया जाएगा, ताकि फिर से अतिक्रमण भी नहीं हो। -श्रवणविश्नोई, आयुक्त नगर परिषद, बाड़मेर
नगर परिषद में सामने आए भ्रष्टाचार के खेल के बाद करीब आधा दर्जन अधिकारी, कर्मचारी जेल जा चुके है। अब परिषद की ओर से जारी फर्जी पट्टों को निरस्त किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए विशेष कमेटी बनाई जाएगी, जो इन पट्टों की मूल पत्रावली के मिलान के साथ मौका स्थल को देखेगी। इसके लिए बोर्ड बैठक में ही फर्जी पट्टों को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित हुआ है।
सवाल |क्याआपके पट्टे की मूल फाइल परिषद में है?
शहरमें करीब सवा लाख की आबादी है, करीब 25 हजार से ज्यादा पट्टे जारी हुए होंगे। सवाल यह है कि जो पट्टे जारी हुए है, उनकी मूल फाइल नगर परिषद में है या नहीं, इसको लेकर भी संशय है। कितने पट्टे जारी हुए नगर परिषद रिकार्ड बताने में सक्षम नहीं है। हकीकत यह है कि ऐसे भी कई पट्टे है, जिनकी मूल फाइल भी परिषद से गायब है। इसको देखते हुए परिषद ऐसे गुमनाम पट्टों को भी ऑनलाइन करने और उनके रिकार्ड की जांच करने के लिए पट्टों के वेरिफिकेशन का काम शुरू करेगी। इससे गायब पत्रावलियों की संख्या तो सामने आएगी ही, साथ ही किस-किस की मूल पत्रावली गायब है, यह भी पता लग सकेगा। अब तक परिषद के पास तो जारी किए गए पट्टों की संख्या है और ही गायब मूल फाइलों की।
अतिक्रमण हटानेके साथ ही नीलामी की कार्यवाही
परिषदकी ओर से सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त करने के बाद मौके पर पत्थर और बोर्ड लगा दी जाएगी। वहीं दूसरी टीम इस सरकारी जमीन को नीलामी करने की प्रक्रिया करेगी। अतिक्रमण हटाने के एक माह में जमीन को नीलाम कर दिया जाएगा, ताकि फिर से अतिक्रमण करने की नौबत भी नहीं आए। इससे नगर परिषद को आय भी हो जाएगी और जमीन पर अतिक्रमण भी नहीं होगा।
यह है अतिक्रमणचिह्नितकरने के लिए गठित टीम
नगरपरिषद आयुक्त श्रवण विश्नोई ने 10 सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें एक्सईएन ओमप्रकाश ढीढवाल को प्रभारी, सहायक राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा, कनिष्ठ अभियंता अनूप कुमार सिंह, स्वच्छता निरीक्षक सुनील तेजी, चंद्रजीत खत्री, हरखाराम, हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक समेत कुल दस सदस्य टीम बनाई गई है।
बाड़मेर. जसदेर तालाब नए डीटीओ ऑफिस के पास अतिक्रमण कर बनाया गया छप्पर।