11-11 घंटे जेसीबी चलाई, फर्जी तरीके से उठाया भुगतान
नगरपरिषद में पूर्व बोर्ड के बाद अब नया बोर्ड भी विवादों में है। सितंबर में कचरा लेवल करने के लिए नगर परिषद की ओर से जेसीबी का टेंडर निकाला गया। प्रति घंटा 820 रुपए स्वीकृति जारी की गई। परिषद ने गुडलक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इसका टेंडर दिया था।
12 दिन तक चली जेसीबी से एक लाख रुपए का भुगतान उठा लिया गया, जबकि हकीकत यह है कि मौके पर उतना काम ही नहीं हुआ। मजे की बात यह है कि 7 दिन तक जेसीबी को दिन में 11-11 घंटे चलाया गया है। टेंडर तो कचरे को लेवल करने के लिए किया गया था, लेकिन भुगतान बरसाती पानी को निकालने, नाले को साफ करने के नाम भी उठा लिया। दो दिन पूर्व हुई परिषद की बैठक में जेसीबी घोटालों को लेकर प्रतिपक्ष ने सभापति आयुक्त को आड़े हाथों लिया था। इसके बाद अब नगर परिषद की ओर से इसके लिए जांच टीम गठित की गई है, जो इस मामले में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच करेगी।
^बैठक में जेसीबी के फर्जी भुगतान का मुद्दा उठाया था। इस मामले में जांच कमेटी गठित की जाकर जांच करवाई जाएगी। अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। -श्रवणविश्नोई, आयुक्त, नगर परिषद बाड़मेर
^जेसीबी से जो कार्य करना बताया है, वो मौके पर हुआ ही नहीं है। 21 से 25 सितंबर तक बरसात भी नहीं हुई, पानी निकासी के नाम पैसे उठा लिए। मौके पर फोटो में ट्रक से कचरा भरना बताया जा रहा है, जबकि इनका टेंडर तो कचरा लेवल के लिए किया गया था। -मदनचंडक, प्रतिपक्ष नेता, नगर परिषद बाड़मेर
मिली थी कचरा निस्तारण की स्वीकृति
दरअसल11 सितंबर 2015 को नगर परिषद आयुक्त ने बाड़मेर शहर में गेहूं रोड एवं एनएच-15 कारेली नाडी के पास स्थित कचरा पॉइंट पर कचरा लेवल करने के लिए जेसीबी का स्वीकृति जारी की थी। इसमें 820 रुपए प्रतिघंटा के हिसाब से मय डीजल और ऑपरेटर जेसीबी के नाम भुगतान किया जाना तय था।
जेसीबीघोटाले को लेकर ये हैं आरोप
गुडलककंस्ट्रक्शन कंपनी ने कचरा लेवल का काम लिया था। 11 सितंबर को स्वीकृति मिली, 12 सितंबर से काम शुरू कर दिया। पहले दिन गेहूं रोड पर कचरा लेवल करने के लिए 11 घंटे जेसीबी चलाई। इसके बाद 14 सितंबर को 10 घंटे, 15 को आदर्श स्टेडियम एवं नेहरू नगर में झाड़ी कटाई, कचरा सफाई का 11 घंटे कार्य किया, 16,17 18 को फिर गेहूं रोड पर 11-11 घंटे कचरा लेवल किया गया। 19 को चामुंडा चौराहे के पास कचरा एवं डंपर भारने का 11 घंटे का हुआ। 21 से 25 सितंबर को कृषि मंडी रोड, चामुंडा चौराहा, सिणधरी चौराहा, बलदेव नगर, सिणधरी रोड, रामनगर, जीएसएस 132 केवी पॉवर हाउस में बरसाती पानी निकालने का 47.15 घंटे काम किया गया। इसका करीबन एक लाख रुपए भुगतान उठा लिया गया। प्रतिपक्ष का आरोप है कि मौके पर काम हुआ ही नहीं और मिलीभगत से यह भुगतान उठाया गया।