कीटनाशक उर्वरक संशोधन नियम का विरोध
केंद्रसरकार द्वारा खाद कीटनाशक बेचने के लाइसेंस के लिए कृषि स्नातक योग्यता अनिवार्य करने और पुराने लाइसेंस धारकों को दो वर्ष के भीतर शैक्षणिक योग्यता हासिल करने के तुगलकी फरमान से व्यापारियों में रोष व्याप्त है।
इस फैसले के विरोध में जिला खाद बीज विक्रेता एसोसिएशन ने मंगलवार को प्रदर्शन कर राज्य कृषि मंत्री प्रभूलाल सैनी के नाम कलेक्टर सुधीर शर्मा को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष सरूपसिंह भाटी सचिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि खाद, बीज कीटनाशक विक्रेताओं ने सरकार के इस संविधान संशोधन का विरोध जताया है। केंद्र सरकार के इस फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए एकाएक नियम लागू करने से अधिकांश प्रतिष्ठान बंद हो जाएंगे। उन्होंने ज्ञापन में योग्यता को सीनियर सैकंडरी तक करने एवं विशेष विषय की अनिवार्यता समाप्त करने तथा स्किल डवलप करने के लिए एक अल्प अवधी का पाठ्यक्रम जारी करने की मांग की हैं।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि निष्ठापूर्वक इस व्यापार में लगे कृषि आदान व्यापारियों के लिए यह संशोधन घातक साबित होगा। एसोसिएशन ने व्यापारियों के हित को देखते हुए इस संशोधन पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
बाड़मेर. मंगलवार को खाद्य बीज को लेकर प्रदर्शन करते व्यापारी।