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नोएडा में गिरफ्तार मित्तल के सोशल ट्रेड में बाड़मेर के 200 युवाओं के रुपए फंसे

5 वर्ष पहले
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सोशलट्रेडिंग के जरिए रातोंरात मोटी रकम कमाने के लालच में बाड़मेर के करीब 150 से ज्यादा लोग जुड़े थे, लेकिन अब नोएडा में इस सोशल ट्रेड कंपनी के मालिक अनुभव मित्तल को 37 अरब से ज्यादा के इस घोटाले में गिरफ्तारी के बाद अब इससे जुड़े देश के 7 लाख से ज्यादा युवाओं के धोखाधड़ी के शिकार होने का खुलासा हुआ है।

युवाओं ने सोशल ट्रेड साइट के जरिए ऑनलाइन कमाई करने के लिए लाखों-करोड़ों रुपए का निवेश किया है, इसके बदले शुरूआती दिनों में रकम उनके खातों में भी रही थी। एेसे में लखपति बनने के लालच में फंसे लोग अब परेशान है।

जानकारी के मुताबिक बाड़मेर जिले के करीब 200 से ज्यादा लोगों ने सोशल ट्रेडिंग कंपनियों में पैसा लगाया है। उत्तरप्रदेश के नोएडा में एसटीएफ की कार्रवाई में ऑनलाइन सोशल ट्रेडिंग के नाम पर 37 अरब की ठगी करने वाली जिस कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है, उसके शिकार बाड़मेर जिले के बेरोजगार युवा, सरकारी कर्मचारी और छोटे व्यापारी भी हुए हैं। कंपनी ने छोटी पूंजी लगाकर मासिक आमदनी में बढ़ोतरी के एेसे सतरंगी सपने दिखाए थे कि लोग बिना सोचे समझे इसके जाल में उलझते गए। कंपनी का भेद खुलने पर इसमें पैसे लगाने वाले पछता रहे हैं।

5750से 57500 रुपए तक के पैकेज

कंपनीने लोगों को फंसाने के लिए एेसा जाल बुना कि कोई उसकी वास्तविकता को जान ही नहीं पाया। कंपनी 5750 रुपए से 57500 रुपए तक जमा करवाने के पैकेज देकर सदस्य बनाती थी। सदस्य बनने के बाद उसे एजेंट की तर्ज पर आगे सदस्य जोड़ने होते थे, इससे उसका कमीशन भी दुगुना हो जाता था। सदस्यों को कंपनी अपने सोशल मीडिया पोर्टल पर विज्ञापन संदेश देती थी, जिन्हें लाइक करना होता। उदाहरण के तौर पर 5750 रुपए जमा कराने वाले महीने में बीस दिन प्रतिदिन पचास रुपए का काम देती थी। इस प्रकार साल भर मे उस सदस्य के 12 हजार रुपए बनते। कंपनी की स्कीम साल में अपना धन दुगना करो की तर्ज पर थी, इसलिए काफी लोगों ने घर बैठे कमाई का उचित जरिया मानते हुए बिना सोचे समझे पैसे भी लगा दिए। कुछ लोग जुड़े तो उनके प्रतिदिन खाते में पैसे भी आने लगे। इससे लोगों को यकीन भी होने लगा।

सोशल ट्रेड से जुड़े दो जनों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर भास्कर को बताया कि उन्होंने भी सोशल ट्रेड में निवेश किया है। बाड़मेर के करीब 200 से ज्यादा युवाओं का पैसा फंसा हुआ है, वो सरकारी नौकरी में है। ऐसे में नाम का खुलासा नहीं कर रहे हैं। सोशल ट्रेडिंग नामक कंपनी में सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता था। बाड़मेर के युवा इससे जुड़े और घर बैठे लाखों रुपए कमाने के लालच में फंस गए। जुड़ने वाले लोगों के खातों में हर सप्ताह पैसे भी आने लगे। ऐसे में विश्वास से एक-दूसरे लोगों को सदस्य बनाया गया, ताकि जितने ज्यादा सदस्य होंगे, उतनी रकम ज्यादा मिलेगी।

पीड़ित एेसे करें शिकायत

सोशलट्रेड के नाम पर ठगे गए पीड़ित अपनी शिकायत घर बैठे ही कर सकते हैं। इसके लिए उन्‍हें संबंधित दस्तावेजों के साथ reportfraud@upstf.com पर ई-मेल करना होगा। दस्तावेजों में पैसा जमा करने की रसीद, पैसा जमा करने वाला एकाउंट नंबर, अपना आईडी भेजें। इसके अलावा आपको स्थानीय थाने में एक एफआईआर भी दर्ज करवानी होगी। इसके बाद जांच होगी और पैसा वापिस भी मिल सकता है।

प्रत्येक क्लिक के पैसे मिलते थे

सोशलट्रेड से जुड़े लोगों को साइट पर जाना पड़ता था। वहां दिए लिंक पर क्लिक करने पर प्रत्येक क्लिक के पैसे मिलते थे। इसके बाकायदा कंपनी की साइट पर रजिस्ट्रेशन किया होता था। अपने सदस्यों के अनुसार जुड़े लोग जितने ज्यादा उस साइट को देखेंगे उतने ज्यादा पैसे बनेंगे। शुरूआत में प्रतिदिन के हिसाब से रोजाना का कमीशन खातों में आता था। इसके बाद अब साप्ताहिक कर दिया।

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