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7 माह बाद हुई बैठक, 4 घंटे तक सिर्फ हंगामा

5 वर्ष पहले
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सातमाह बाद सोमवार को नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक हुई। बैठक से शहर की जनता कई उम्मीदें लगाए थी। उम्मीद थी कि शहर की समस्याएं सड़क, बिजली, पानी, सफाई के मुद्दे बैठक में उठाए जाएंगे और उन पर कोई ठोस निर्णय होगा। चार घंटे चली बैठक में जनता को राहत दिलाने के लिए तो कोई ठाेस निर्णय हुआ और ही कोई ऐसा प्रस्ताव पारित। परिषद के एजेंडे में भी शहर की समस्याओं को लेकर कोई मुद्दे नहीं दिखे। पक्ष और प्रतिपक्ष हंगामा करता रहा। सभापति और आयुक्त को घेरते हुए जवाब मांगते रहे। बैठक में विधायक मेवाराम जैन भी मौजूद थे।

बैठक की शुरूआत में जैसे ही आयुक्त श्रवण विश्नोई ने एजेंडे पर चर्चा करनी शुरू की तो प्रतिपक्ष नेता मदन चंडक ने विरोध करते हुए कहा कि आखिर सात महीने बाद बैठक क्यों हो रही है? दिलीप पालीवाल ने कहा सभापति को बैठक करने का अधिकार है, वे जवाब दें। कांग्रेस पार्षदों ने भी जवाब मांगा। जबकि 60 दिन में एक बैठक का प्रावधान है, लेकिन सात माह बाद बैठक हुई।

भाजपासे ज्यादा कांग्रेसी पार्षद बोले : बैठकमें भाजपा से ज्यादा कांग्रेसी पार्षदों ने सभापति काे घेरा। कांग्रेस के बलवीर माली, नरेश देव, दिलीपसिंह, रेणु दर्जी, मिश्रीमल, किशनलाल ने हर मुद्दे पर सभापति आयुक्त से जवाब मांगा। प्रतिपक्ष नेता मदन चंडक, दिलीप पालीवाल, रतनलाल बोहरा, गंगाविशन, बांकाराम, धनराज सोनी, प्रकाश सर्राफ, रोचामल सिंधी ने भी बोर्ड को आड़े हाथों लिया।

बाड़मेर. बैठक के दौरान समस्याओं को लेकर सभापति का घेराव करते पार्षद।

बाड़मेर. बैठक के दौरान बहस करते पर्षद।

बैठक में विधायक जैन और सभापति बोथरा इस तरह निराश दिखे।

बैठक मेंविधायक मेवाराम जैन और सभापति लूणकरण बोथरा के बीच दूरियां नजर आई। बैठक शुरू होने के आधा घंटे बाद विधायक पहुंचे, करीब 40-45 तक बैठक में रुके। बैठक में ज्यादातर समय चुप ही बैठे रहे। करीब पौने पांच बजे विधायक चले गए।

यह प्रस्ताव पारित

1.आईएचएसडीपी योजना में डीसीआईएल द्वारा सीवरेज नेटवर्क से ट्रंक लाइनों को जोड़ने के प्रस्ताव का विरोध। घटिया निर्माण का आरोप, एसीबी जांच की मांग।

2. बीपीएल के नाम जोड़ने के लिए प्रस्ताव पास।

3. कनिष्ठ अभियंताओं के स्थाई करण का अनुमोदन।

4. आय के स्रोतों पर बढ़ाने पर चर्चा।

5. पालिका बाजार में 2 लिफ्ट लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध।

6. मोबाइल टॉवर, खांचा भूमि, रिकार्ड कम्प्यूटराइज्ड करने, जैव विविधता के लिए समिति का गठन प्रस्ताव पास

इन पार्षदों ने उठाए मुद्दे

1.पार्षदरेणुदर्जी ने कहा कि एमएलए फंड से 5 लाख रुपए दर्जी समाज के श्मशान विकास के लिए दिए गए, लेकिन वो खर्च कहां हुए?

2. पार्षदनरेशदेव ने कहा कि केंद्रीय बस स्टैंड पर दुकानों को लीज के पैसे जमा नहीं हो रहे हैं।

3. पार्षदगंगाविशनने कहा बोर्ड बने 14 माह हुए, मेरे वार्ड में काम नहीं हुआ।

4. पार्षदसुरतानसिंह ने कहा कि बोर्ड में एक भी पेंशन का प्रकरण शुरू नहीं।

5. पार्षदरतनलालने कहा कि लंगेरा रोड पर अतिक्रमण हो रहा है,कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

बिजली

शाम होने के साथ ही आधा शहर अंधेरे में डूब जाता है। वार्डों और मुख्य सड़कों पर रोड लाइट भी नहीं है। इसके बावजूद एजेंडे में यह मुद्दा नहीं था। बैठक में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई।

आवारा पशु

शहर की मूलभूत समस्या आवारा पशु है, गत दिनों शिव सेना ने बाड़मेर बंद भी करवाया। आवारा पशुओं की चपेट में आने से अब तक करीब 6 लोगों की मौत हो गई है। आए दिन हादसे भी हो रहे, लेकिन बैठक में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई।

पानी

शहर में पिछले कई माह से क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की समस्या है। सड़कों पर पानी बह रहा है, जनता परेशान है। बैठक में टूटी पाइप लाइन को ठीक करने के लिए जनहित की समस्या का जिक्र नहीं हुआ।

सड़क

शहर की दूसरी सबसे बड़ी समस्या टूटी सड़कें है। नए बोर्ड के बने डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद भी शहर में सड़कों के निर्माण का काम ठप है। बैठक में इस पर कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ। किसी पार्षद ने भी तंगहाल सड़कों को लेकर मुद्दा नहीं उठाया।

सफाई

शहर की प्रमुख समस्या सफाई व्यवस्था है, लेकिन बोर्ड के एजेंडे में यह मुद्दा नहीं था। विशेष चर्चा नहीं हुई। पार्षदों ने जब इस मुद्दे को लेकर हंमागा किया तो आयुक्त ने कहा कि 24 लाख में दो ट्रैक्टर टेंडर पर लिए जाने प्रस्तावित है। प्रतिपक्ष ने कहा इतनी रकम में ट्रैक्टर खुद क्रय किए जा सकते है।

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