‘नबी के पैगाम पर चलें, दीन दुनिया की खिदमत करें’
बिसासरमें सोमवार को जलसा भरा गया जिसमें अकीदतमंदों की काफी भीड़ रही। जलसे में मुफ्ती शेर मोहम्मद खान ने अपनी तकरीर में कहा कि नौजवानों आगे आकर अल्लाह के नबी के पैगाम को अपने जेहन में उतार उनके बताए मार्ग पर चलें। दीन दुनिया की खिदमत को अंजाम दें। इस्लाम ने हमेशा अमन शांति का पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने दुनिया के लिए रसूल बना कर रहमत रहनुमाई के लिए भेजा। उन्होंने आपसी भाईचारा को कायम रखने की मुसलमान को हिदायत दी।
खुशुशी वक्ता पीर सैयद मोहम्मद अली कादरी ने अपनी तकरीर में कहा कि हर मुस्लिम का फर्ज है, उसके पास हज जाने के लिए दौलत हो, लेकिन जिस गरीब के पास हज जाने की दौलत नहीं हो वो हज जाने की ताकत नहीं रखता हो उसे भी हज का सबाब मिल सकता है। वो सबसे पहले अपनी मां का चेहरा देखे तो खुदा उसे भी हज का सबाब अता फरमाता है क्योंकि मां के कदमों में जन्नत है।
मुस्लिम प्रतिभाओं का किया सम्मान : बिसासर जलसे में मुस्लिम प्रतिभावान विद्यार्थियाें का सम्मान किया जाएगा। कौमी एकता के मुख्य अतिथि एडीएम ओपी विश्नोई ने कहा कि शिक्षा के बिना तरक्की संभव नहीं और कामयाबी। कौमी एकता की मिसाल देश भर में दी जाती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी तनसिंह चौहान ने कहा कि मुस्लिम कौम शिक्षा से जुड़ कर तरक्की की राह इख्तियार करें। पूर्व मंत्री गफूर अहमद ने कहा कि शिक्षा आज के युग में जरूरी है। मुस्लिम छात्र-छात्राओं आरएस प्री, सरकारी नौकरी में चयन होने वाले मुस्लिम बच्चों को पुरस्कार से नवाजा। कार्यक्रम में अशरफ अली खिलजी, समाजसेवी लूणसिंह झाला, जिलानी जमात के सदर हाजी इदरीश, चीफ खलीफा हाजी सखी मोहम्मद, सैयद गुलाम शाह नाथु खां, सिद्धिक खां मंगलिया, मास्टर हसन हरपालिया, पूर्व प्रधान हाजी दोस्त मोहम्मद, मीठन शाह, शोकत अली सहित कई मौजूद रहे।