शेट्टी पे कमीशन को लागू नहीं करने से न्यायिक कर्मचारियों में रोष
न्यायका वर्चस्व कायम रखने एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की पालना करने के लिए शुक्रवार को भी कलेक्ट्रेट के आगे राजस्थान न्यायिक कर्मचारी जिला संघ के बैनर तले प्रदर्शन जारी रहा।
संघ के अध्यक्ष घनश्याम बख्तानी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय 16 मार्च, 2015 के अनुसार न्यायिक कार्य के सुधार के लिए शेट्ठी पे कमीशन न्यायिक कर्मचारियों को 31 दिसंबर, 2015 तक देने के आदेश दिए, जिस पर राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की पूर्ण पीठ ने अपनी स्वीकृति देकर राजस्थान सरकार को रिपोर्ट भेज दी, लेकिन डेड लाइन 31 दिसंबर, 2015 के बाद भी शेट्ठी पे कमीशन को लागू नहीं किया गया।
शेट्ठी पे कमीशन की सिफारिशें नहीं मानने सर्वोच्च न्यायालय एवं राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश की पालना में राज्य सरकार के पास प्रस्तावित एवं लंबित पड़े पे कमीशन के कारण प्रांत के न्यायिक कर्मचारी जिले के न्यायिक कर्मचारी 25 जनवरी, 2016 को सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया। लेकिन मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय जाेधपुर के द्वारा 9 फरवरी, 2016 तक उपरोक्त शेट्ठी कमीशन को लागू करवाने का आश्वासन दिया। जिस पर न्यायिक कर्मचारियों ने अपना सामूहिक अवकाश का निर्णय वापस लिया था। सरकार ने शेट्ठी पे कमीशन न्यायिक कर्मचारियों के हित में लागू नहीं किया हैं। प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार अध्यक्ष घनश्याम बख्तानी, उपाध्यक्ष देवीसिंह चौहान सचिव सुरेंद्रसिंह राठौड़ के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी रहा। सरकार यदि रिपोर्ट को जल्द लागू नहीं करती है तो 15 फरवरी, 2016 से सभी न्यायिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
बाड़मेर. शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते न्यायिक कर्मचारी