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पसीजा परिजनों का दिल, भैरी का किया दाह-संस्कार
तीन दिन से जिला अस्पताल के मुर्दाघर में पड़ा था शव
भीलवाड़ा.मंशागांव की भैरी भील के परिजनों का दिल आखिरकार रविवार को पसीज गया। पिता भाइयों ने जिला अस्पताल पहुंच कर कोटड़ी पुलिस के सहयोग से शव का दाह-संस्कार कर दिया।
एएसआई कन्हैयालाल ने बताया कि मंशा निवासी भवानीशंकर मीणा ने शुक्रवार सुबह बीमार प|ी भैरी (20) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम करीब चार बजे उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद से ही पति वाहन लाने की कहकर अस्पताल से गायब हो गया। उसके नहीं लौटने के कारण भैरी का शव जिला अस्पताल के मुर्दाघर में पड़ा था। भैरी भील का भवानीशंकर मीणा के साथ विवाह करना इन दोनों के परिवारों की नाराज का कारण बना हुआ था। इसी कारण तो भैरी के परिजन और ही भवानीशंकर मीणा के परिजन अब तक भैरी का शव लेने नहीं आए थे। आखिरकार पुलिस के समझाने पर भैरी के पिता बंशीलाल भील का दिल पसीजा और वह अपने दो बेटों के साथ जिला अस्पताल पहुंचा। इनके साथ कुछ और लोग भी थे। पुलिस ने इनकी मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद पुलिस ने भैरी के शव का पंचमुखी मोक्षधाम पर दाह-संस्कार करवा दिया। इस दौरान श्मशान में भैरी का पिता परिजन मौजूद थे।
पिताने दी रिपोर्ट
पुलिसने बताया कि बंशीलाल ने एक रिपोर्ट दी है। जिसमें बताया गया है कि उसकी बेटी भैरी(23) ने पांच साल पहले भवानीशंकर मीणा से विवाह कर लिया था। ये दोनों जयपुर की तरफ रहते थे। अस्थमा से पीड़ित भैरी को भवानीशंकर ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई। बंशी ने बेटी भैरी की मौत पर किसी तरह का शक होने से इनकार किया है।