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जिला अस्पताल में दिल के रोगियों की जांचें शुरू
छह महीने से अटका रहे थे भास्कर ने जगाया तो चार दिन में काम हो गया
भीलवाड़ा.महात्मागांधी जिला अस्पताल में अब दिल के रोगियों की इको कार्डियोग्राफी और टीएमटी हो सकेगी। सोमवार को फिजीशियन डॉ. अरुण गौड़ ने तीन मरीजों की इको जांच की है। गौरतलब है कि यह जांच पिछले छह माह से बंद पड़ी हुई थी। इससे मरीजों को यह जांचें कराने के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में जाना पड़ रहा था। दैनिक भास्कर ने चार फरवरी को दिल के दौरे का जिला अस्पताल में इलाज नहीं शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया कि अस्पताल प्रशासन के पास जांच मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद भी यह जांचें नहीं हो रही है। इस कारण जिला अस्पताल में आने वाले दिल के रोगियों की केवल ईसीजी करने के बाद उन्हें रैफर किया जा रहा है। गत दिनों शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी भी बीमार हो गए थे, उन्हें भी जांच कराने के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाना पड़ा। पीएमओ डॉ. केसी पंवार ने बताया कि अब यह जांच सुविधाए नियमित मिलेगी।
यहहोगा फायदा
मरीजोंकी ईसीजी असामान्य होने पर अब उन्हें दूसरी जांचों के लिए बाहर नहीं ले जाना पड़ेगा। हार्ट अटैक होने पर जिन मरीजों को यहां लाया जाएगा उन्हें रैफर करने से पहले कंपलीट जांचें यहां हो जाएगी। इको कार्डियोग्राफी टीएमटी कराने पर बाहर ज्यादा शुल्क देना पड़ता है लेकिन जिला अस्पताल में रियायती दरों में यह जांचें हो जाएगी।
यहजांचें शुरू हो गई
इको कार्डियोग्राफी: हार्ट की सोनोग्राफी को इको कार्डियोग्राफी कहा जाता है। इसमें हार्ट के फंक्शन ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं, इसका पता लगता है। इसमें पंद्रह से बीस मिनट लगते हैं। यह जांच जिला अस्पताल में चार सौ रुपए में हो रही है।
टीएमटी:(ट्रेड मिल टेस्ट) में मरीज को मशीन पर तेज चलने काे कहा जाता है। नॉर्मल स्थिति में दिल की धड़कन ब्लड की पंपिंग कैसी है, यह पता नहीं चलता है। इसमें मशीन पर स्थिति पता लग जाती है। इसका शुल्क चार सौ रुपए है।
यह होगा फायदा
मरीजों की ईसीजी असामान्य होने पर अब उन्हें दूसरी जांचों के लिए बाहर नहीं ले जाना पड़ेगा। हार्ट अटैक होने पर जिन मरीजों को यहां लाया जाएगा उन्हें रैफर करने से पहले कंपलीट जांचें यहां हो जाएगी। इको कार्डियोग्राफी टीएमटी कराने पर बाहर ज्यादा शुल्क देना पड़ता है लेकिन जिला अस्पताल में रियायती दरों में यह जांचें हो जाएगी।
विधायक को परेशानी उजागर हुई तो सक्रिय हुए अफसर
जिला अस्पताल में विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी को भर्ती कराया था। यहां पूरी जांचें नहीं हुई तो प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए। दैनिक भास्कर ने इस संबंध में समाचार भी प्रकाशित किए थे। इस समस्या पर कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने भी पीएमओ डॉ. केसी पंवार को बुलाकर यह जांच मशीनें शुरू करने के निर्देश दिए।
छह महीने से अटका रहे थे भास्कर ने जगाया तो चार दिन में काम हो गया
जिला अस्पताल में इको कॉर्डियोग्राफी गत छह महीने से बंद है। सीनियर फिजीशियन डॉ. डीएल काष्ट के सेवानिवृत होने के बाद इको की मशीन बंद पड़ी रही। इस कारण चूहों ने तार काट दिया। टेक्नीशियन ने अस्पताल प्रशासन को इसे सही कराने के लिए बोला लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। भास्कर ने यह समस्या उजागर की तब जाकर पीएमओ डॉ. केसी पंवार ने एएमसी (एनुअल मेंटीनेंस कॉन्टैक्ट) के प्रतिनिधि को बुलाया। उसके टालमटोल करने पर अनुबंध निरस्त करने का पत्र दिया तब यह मशीन ठीक हुई। इसी तरह टीएमटी मशीन को भी तकनीकी खराबी थी, जिसे ठीक कराया गया।