भगवान एक, नाम अनेक: जगदीश पुरी
भीलवाड़ा | स्वामीजगदीश पुरी ने कहा कि व्यक्ति के भीतर तृष्णा कामना होती है। इसलिए वह बेचैन रहता है। अगर वह भक्ति का सहारा ले तो निश्चित रुप से बेचैनी दूर कर पाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान एक ही है। उनके काम रुप के अनुसार वह अनन्त नाम से जाने जाते हैं। जिंदल परिवार की ओर से कुमुद विहार में आयोजित की जा रही भागवत कथा में सोमवार को बच्चों ने बाल कृष्ण का रुप धरा। गिरीराज धरण छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। चेतना जिंदल ने बताया कि दस फरवरी को कृष्ण रुक्मणि विवाह रात्रि आठ बजे फागोत्सव का आयोजन होगा।