भीलवाड़ा. सारी प्रक्रिया पूर्ण करने और नए मीटर का चार्ज भरने के कई महीनों बाद भी बिजली निगम द्वारा उपभोक्ताओं के घर नए मीटर नहीं लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जिले के करीब 45 हजार उपभोक्ताओं को एवरेज बिल के हिसाब से भुगतान करना पड़ रहा है।
निगम के पास मीटर का टोटा बना हुआ है। मांग और पूर्ति का चक्र गड़बड़ाने के कारण यह स्थिति है। जिसके लिए निगम अधिकारी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। जिन्होंने समय पर जरूरत के मुताबिक मुख्यालय को मांग नहीं भिजवाई। जिले में खराब मीटर्स की संख्या लगभग 45 हजार है।
टेंडर में देरी के कारण दिक्कत
टेंडर प्रक्रिया में विलंब के कारण भी मीटर की सप्लाई गड़बड़ा गई। अब टेंडर किए जा रहे हैं। निगम के एमडी बी राणावत का कहना है कि शीघ्र ही डिस्कॉम के सभी जिलों में मीटर की सप्लाई शुरू करा दी जाएगी। मांग बहुत ज्यादा है, ऐसे में आपूर्ति कुछ कमजोर रह सकती है।
10 फीसदी भी नहीं मिले
जिले में खराब मीटर्स की संख्या करीब 45000 है। गत माह करीब 2.5 हजार मीटर्स की सप्लाई की गई थी। भीलवाड़ा शहर में करीब पांच हजार मीटर खराब हैं। उपभोक्ता निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
केस - 1
सांगानेर निवासी मदन पुरी ने भी चार माह पूर्व नए मीटर के लिए निगम के दफ्तर में आवेदन किया, लेकिन अब तक मीटर उपलब्ध नहीं हो पाया है।
निगम की ओर से रहे एवरेज बिल उनके मुताबिक बहुत ज्यादा हैं। उन्हें नवंबर में 357 यूनिट का 2023 रुपए का बिल जारी हुआ, लेकिन उनका मानना है कि निगम समय पर मीटर नहीं लगा रहा और उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाए जा रहा है।
केस- 2
सांगानेर कॉलोनी निवासी हेमराज चावला महीनों से एवरेज बिल भर रहे हैं। चावला ने 4 माह पूर्व नए मीटर के लिए आवेदन किया, लेकिन मीटर नहीं लगा। उनका अक्टूबर में एवरेज मानी गई 313 यूनिट का बिल 1820 रुपए आया।
वहीं दिसंबर 190 यूनिट का बिल 1128 रुपए था। निगम संबंधित माह के बिल की राशि को गत वर्ष के उसी माह की बिल राशि या पिछले 3 माह के बिल की एवरेज में से अधिक राशि का बिल जारी कर रहा है।