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यूआईटी के पूर्व चेयरमैन को घेरने की तैयारी
सरकारबदलने के साथ ही कांग्रेसी नेताओं के अच्छे के बजाय बुरे दिन आना शुरू हो गए हैं। एसीबी ने पूर्व चेयरमैन रामपाल शर्मा को घेरने की तैयारी कर ली है। कोटा एसीबी ने जांच के लिए शर्मा के कार्यकाल की तीन बड़ी योजनाओं का रिकॉर्ड मांगा है। इनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप हैं। तीन योजनाओं में नेहरू विहार योजना में हुए टेंडर, नेहरू विहार योजना के आवासों की लॉटरी, तिलकनगर योजना में भूखंडों की लॉटरी और नेहरू रोड चौड़ा करने में दिया मुआवजा शामिल है। यूआईटी को लिखे पत्र में एसीबी ने तीनों योजनाओं से संबंधित हर प्रकार का रिकॉर्ड मांगा है। तीनों बड़ी योजनाएं पूर्व चेयरमैन रामपाल शर्मा के कार्यकाल की हैं।
तिलकनगर योजना: लॉटरी में गड़बड़ी
900भूखंडों की लॉटरी में यूआईटी कर्मचारी-अधिकारियों द्वारा उनके परिजनों रिश्तेदारों के नाम पर भूखंड आवंटन और गड़बड़ी का आरोप है।
नेहरूरोड: मुआवजे में हेराफेरी
नेहरूरोड चौड़ा करने और प्रभावितों को मुआवजा संबंधी रिकॉर्ड एसीबी ने मांगा मुआवजा देने में हेराफेरी के आरोप है। एसीबी ने रोड चौड़ा करने का कारण, प्रभावितों की संख्या, मुआवजे संबंधित दस्तावेज मांगे
नेहरू विहार: टेंडर लॉटरी में गड़बड़ी
करीब300 करोड़ रुपए की नेहरू विहार योजना के टेंडर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप है। इसी कारण राज्य सरकार ने इस पर रोक लगाकर एसीबी से जांच कराने का निर्णय लिया था। एसीबी ने टेंडर की संख्या, इनमें कॉपियां डालने वाले ठेकेदारों की संख्या, हर टेंडर की रेट, वर्क ऑर्डर सहित टेंडर से संबंधित सभी प्रकार के दस्तावेज मांगे हैं। इसी योजना के करीब 2,700 आवासों की लॉटरी में भी गड़बड़ी की आशंका पर एसीबी ने योजना में कुल आवेदन, लॉटरी का प्रकार और आवंटियों की जानकारी मांगी है।