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मानसरोवर झील दिखने लगेगी उदयपुर के फतहसागर की तरह

5 वर्ष पहले
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झील के बीच टापू पर बनेगा कैफेटेरिया

भीलवाड़ा।
सैर-सपाटे का शौक रखने शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। गंदे बदबूदार पानी के गढ्डे में तब्दील हो चुकी मानसरोवर झील के दिन फिरने लगे हैं। इसे उदयपुर के फतहसागर की तर्ज पर खूबसूरत बनाया जा रहा है। यूआईटी ने इसके लिए तीन चरणों में योजना बनाई है। पहले चरण में एक करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं जबकि दूसरे चरण के भी टेंडर हो चुके हैं।

पटेल नगर स्थित मानसरोवर झील को नगर विकास न्यास पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करा रहा है। इसके बीच स्थित टापू पर कॉफी हाऊस म्यूजिकल फाउंटेन बनाए जाएगा ताकि पर्यटक कॉफी के सिप लेते हुए झील के प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठा सके। इन सब कामों में झील की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

पहले चरण में अजमेर की श्यामलाल एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी के मार्फत लगभग 82 लाख के काम हो चुके हैं। 2900 फीट लंबी सुरक्षादीवार, मिट्टी का कटाव रोकने के लिए 80 हजार वर्ग मीटर पत्थरों की पीचिंग रैंप, 2900 फीट लंबी आरसीसी वॉल एवं झील की पाल पर बने धार्मिक स्थल के पास पुलिया बन चुकी है। वॉकिंग ट्रैक एवं पार्किंग स्थल का काम भी चल रहा है।

मिट्टी का कटाव रोकेगा पीचिंग रैंप

झील में चंद्राकार सुरक्षा दीवार बनाने के साथ ही मिट्टी का कटाव रोकने के लिए अंदर के किनारों पर पत्थरों का पीचिंग रैंप बनाया जा रहा है। यह करीने से पत्थर जमाकर बनाया गया है। सीमेंट-रेत-कंक्रीट आदि का उपयोग नहीं किया गया। दीवार को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाए तथा असामाजिक तत्व गंदगी नहीं फैला सके इसलिए वायर की फेंसिंग भी की जाएगी। बाहर की तरफ 13 फीट चौड़ाई का वॉकिंग ट्रैक बन रहा है। लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य का आभास हो इसके लिए झील को बिना नुकसान पहुंचाए विकसित किया जा रहा है।

सुरक्षावॉल पर बनाएंगे मछलियां मगरमच्छ

कांट्रेक्टर राहुल डाड ने बताया कि सुरक्षा दीवार का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब इस पर ऑर्नामेंटल (सजावटी) प्लास्टर किया जाएगा। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस दीवार पर मछलियां, मगरमच्छ आदि जलीय जीव-जंतुओं के चित्र उकेरे जाएंगे। इसके लिए बांसवाड़ा से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं।

दूसरेचरण में ये काम

सौंदर्यीकरण के दूसरे चरण में झील की सुरक्षा की दृष्टि से वायर फेंसिंग, वॉकिंग ट्रैक पाल पक्का करना, चौकीदार के लिए क्वार्टर निर्माण आदि होना है। इसके लिए नगर विकास न्यास 95 लाख रुपए की निविदाएं आमंत्रित कर चुका है।

मानसरोवर झील को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि शहरवासियों को वहां प्राकृतिक सौंदर्य का आभास हो। पीएससांगावत, यूआईटी सचिव।


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