भीलवाड़ा. बेटा नहीं होने से क्षुब्ध चार बेटियों के पिता फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ग्रामीणों ने युवक को फंदे से उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना सोमवार सुबह मंडपिया चारणान गांव में हुई। मंगरोप थाने के दीवान सुखलाल ने बताया कि अगरपुरा अभी मंडपिया चारणान में रहने वाला भैंरू लाल (32) पुत्र मोतीलाल जाट सोमवार सुबह घर में अकेला था। पिता मोतीलाल घर के बाहर बैठा था। पत्नी गोबर डालने गई हुई थी।
भैंरूलाल ने सुबह साढ़े दस बजे फांसी लगा ली। वृद्ध पिता मोतीलाल जब बरामदे में गया तो भैंरू फंदे पर लटका दिखा। यह देखकर मोती की चीख निकल गई। आस-पास के ग्रामीण मोती की चीख सुनकर वहां पहुंचे और भैंरू को फंदे से उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर दीवान सुखलाल जाब्ते के साथ वहां गए। शव जिला अस्पताल ले गए।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि भैंरू चार बेटियों का पिता था। उसकी सबसे बड़ी बेटी 12 वर्षीय प्रियंका, पूजा (10), खुशी(8) मैना (5) है। एक के बाद एक चार बेटियों के जन्म बेटा नहीं होने से भैंरू मानसिक रूप से परेशान था। वह शराब पीता था। इसी के चलते भैंरू ने यह कदम उठाया है।
मृतक के पिता मोतीलाल, ड्रम गिरने से चला पता
भैंरू ने ड्रम पर खड़े होकर गले में फंदा डाला। उसने ड्रम गिरा दिया और फंदे पर झूल गया। ड्रम गिरने की आवाज सुनकर घर के बाहर बैठा पिता मोती लाल अंदर गया तो बेटे को फंदे पर झूलता पाया। यह देखकर मोती के पैरों तले जमीन खिसक गई।
इकलौता बेटा था भैंरू
मोतीलाल के एक बेटी है, जबकि भैंरू इकलौता बेटा था। उसकी मौत से मोती के बुढ़ापे की लाठी छिन गई। इस घटना से गांव में शोक छा गया। मोतीलाल ने बताया कि परिवार में कमाने वाला भैंरू ही था। उसके चले जाने से हमारा सहारा छिन गया।