पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • एसीबी ने जिला प्रमुख के कामों का मांगा रिकॉर्ड

एसीबी ने जिला प्रमुख के कामों का मांगा रिकॉर्ड

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
{शिक्षक कनिष्ठ लिपिक भर्ती का रिकॉर्ड भी जिला परिषद से मांगा

भास्करन्यूज | भीलवाड़ा

आयसे अधिक संपत्ति के मामले में जांच झेल रहे जिला प्रमुख सुशीला सालवी के पति रोशनलाल बुनकर को घेरने की एसीबी ने तैयारी कर ली है। एसीबी ने जिला प्रमुख सुशीला सालवी के कार्यकाल में जिला परिषद द्वारा की गई शिक्षक भर्ती, कनिष्ठ लिपिक भर्ती सहित शौचालय टेंडर केे मामले में रिकॉर्ड मांग लिया है।

एसीबी स्पेशल यूनिट के एडिशनल एसपी राजेश कुमार गुप्ता ने जिला परिषद सीईओ रामपाल शर्मा को पत्र लिखा है कि जिला प्रमुख सुशीला सालवी के पति एवं प्रबोधक रोशनलाल बुनकर के मामले में एक परिवाद (256/2014) दर्ज हुआ है। इसकी जांच के लिए जिला परिषद से आठ बिंदुओं में जानकारी मांगी है। इसमें जिला प्रमुख के कार्यकाल में संपूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के तहत शौचालय निर्माण टेंडर संबंधित रिकॉर्ड मांगा है। इसमें एक एनजीओ को दिए टेंडर की शर्तें भी मांगी हैं।

इसी तरह जिला प्रमुख के कार्यकाल में उनकी गृह पंचायत गोरख्या में मनरेगा, वाटरशेड के क्या विकास कार्य हुए हैं इसका रिकॉर्ड भी मांगा है। मुख्यमंत्री आवास योजना में भुगतान की क्या प्रक्रिया है तथा कार्य किस एजेंसी से कराए जाते हैं यह सूचना भी मांगी है। इसके अलावा जिला परिषद में हुई भर्तियों के नियम अपनाई गई प्रक्रिया की जानकारी भी मांगी है। दो साल पूर्व हुए सोलर लाइट के टेंडर में अपनाई गई प्रकिया के संबंध में भी रिकॉर्ड मांगा है।

जिला प्रमुख के ससुर का बीपीएल रिकॉर्ड मांगा

एसीबीने पत्र में लिखा है कि प्रबोधक रोशनलाल बुनकर के पिता जयराम बलाई के बीपीएल श्रेणी में होकर पेंशन लाभार्थी होने की जानकारी मिली है। एसीबी ने जानकारी मांगी है कि संबंधित लाभार्थी बीपीएल पेंशन का हकदार है या नहीं। इसमें क्या नियम है इसकी सूचना भी मांगी है।

यह है मामला

गोरख्याके रतननाथ कालबेलिया ने जिला प्रमुख के पति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने की लोकायुक्त को शिकायत की थी। इस पर कलेक्टर ने पहले जिला परिषद सीईओ रामपाल शर्मा को जांच सौंपी। उनके मना करने पर डीआईजी स्टांप मदनगोपाल मीणा को जांच सौंपी गई। मीणा शिकायतकर्ता के पास गए परंतु उन्होंने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का समय मांगा है।