भीलवाड़ा . शहर में रविवार की सुबह घने कोहरे में लिपटी रही। सड़कों पर बादल की तरह पसरा घना कोहरा सूर्योदय के ढाई घंटे बाद तक बरकरार रहा। करीब साढ़े नौ बजे तक कोहरे का खासा असर रहा। शहरवासियों को करीब पौने दस बजे सूर्य की चमक का दीदार हुआ, लेकिन हल्की धूप देखने को मिली। घने कोहरे और तेज ठंड के चलते जनजीवन खासा प्रभावित रहा।
दिनभर ठंडी हवा से ठिठुरन बनी रही। कोहरे के कारण सुबह छिटपुट वाहन दुर्घटनाएं भी हुईं। सुबह 8 बजे तक 20 फीट दूरी पर भी कुछ स्पष्ट नहीं दिख रहा था।
ऐसे बनता है कोहरा
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डाइरेक्टर (रिसर्च) डॉ. एसके शर्मा बताते हैं कि तापमान में गिरावट के साथ वायु में नमी बढ़ने लगती है। इस नमी में मौजूद पानी औंस का रूप लेकर एक व्यापक दायरे में नजर आता है जो कोहरा कहलाता है।
इसमें व्याप्त कण प्वाइंट जीरो 5 एमएम से भी छोटे होते हैं। जो हवा में झूलते नजर आते हैं। लंबे एरिया में धुंधलापन व्याप्त हो जाता है। कोहरा कम पड़ने पर अगले कुछ दिन में ठंड का असर बढ़ जाता है।
फसलों को फायदा
रबी फसल इन दिनों खेतों में बोई जा रही है। कोहरा फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में झूलने वाली यह बूंदें सिंचाई की जरूरत को पूरा करने में सहायक रहती हैं। खासकर गेहूं की फसल को ऐसा वातावरण बहुत फायदा पहुंचाता है।
ऐसा ही रहेगा मौसम
भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान में यह स्पष्ट किया गया है कि आगे भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। कोहरा और धुंध आगे भी संभव है। अधिकतम तापमान दो-तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं रात में भी तापमान में गिरावट संभव है।
पिछले वर्ष दिसंबर
19 दिसंबर सेकोहरा शुरू हुआ।
21 दिसंबर : दोपहर12 बजे तक कोहरा रहा था
22 दिसंबर 2013 : दोपहरकरीब 11 बजे तक कोहरा रहा। छिटपुट दुर्घटनाएं इस दौरान भी हुई।
23 दिसंबर 2013 : इसदिन भी कोहरा दोपहर तक रहा।