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अल्पसंख्यक छात्राओं का उच्च शिक्षा में बढ़ा रुझान
सामान्य वर्ग
छात्र/छात्राएंवृद्धि/कमी
छात्र58,087 -12.75
छात्राएं 77,466 +1.96
कुल 1,35,533 -4.96
अल्पसंख्यकवर्ग
छात्र8,829 +8.99
छात्राएं 8,709 +40.17
कुल 17,538 +22.52
अनुसूचितजाति वर्ग
छात्र/छात्राएंवृद्धि/कमी
छात्र 58,475 +8.72
छात्राएं 42,613 +27.81
कुल 101088 +16.02
अनुसूचितजनजाति वर्ग
छात्र50088 +9.06
छात्राएं 36953 +20.49
कुल 87041 +13.64
अन्यविशेष पिछड़ा वर्ग
छात्र/छात्राएंवृद्धि/कमी
छात्र 135139 +7.54
छात्राएं 123995 +23.98
कुल 239134 +14.83
कुलनामांकन
छात्र310618 +3.52
छात्राएं 289716 +17.68
कुल 600334 +9.90
राज्यमें शिक्षा का ट्रेंड बदल रहा है जिसमें अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं का रुझान उच्च शिक्षा की ओर बढ़ रहा है जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों का रुझान कम हो रहा है। पिछले वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में उच्च शिक्षा में सबसे ज्यादा अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं की संख्या में 40.17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को छोड़कर छात्रों की संख्या भी सबसे ज्यादा अल्पसंख्यक वर्ग की 8.99 फीसदी बढ़ी है जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों की संख्या में 12.75 प्रतिशत कमी आई है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी वर्ष 2013-14 की रिपोर्ट के अनुसार सभी वर्गों की अपेक्षा अल्पसंख्यक वर्ग के स्टूडेंट्स की संख्या पिछले साल की अपेक्षा सबसे ज्यादा 22.52 प्रतिशत बढ़ी है। अब तक के ट्रेंड के अनुसार राज्य में अल्पसंख्यक वर्ग के बहुत कम स्टूडेंट उच्च शिक्षा तक पहुंच पाते थे। अब यह उल्टा हो रहा है। रिपोर्ट में सामान्य शिक्षा के 685 गवर्नमेंट प्राइवेट कॉलेजों के आंकड़े शामिल किए हैं।
छात्र 3.52, छात्राएं 17.68 प्रतिशत बढ़ीं
निदेशालयकी रिपोर्ट के अनुसार उच्च शिक्षा में छात्रों की अपेक्षा छात्राओं की संख्या ज्यादा बढ़ी है। छात्रों की संख्या में महज 3.52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि छात्राओं की संख्या 17.68 प्रतिशत बढ़ी है।
अल्पसंख्यक के बाद अनुसूचित जाति
अल्पसंख्यकवर्ग के बाद सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति वर्ग के स्टूडेंट की संख्या बढ़ी है। इस वर्ग के छात्र 8.72 प्रतिशत छात्राएं 27.81 प्रतिशत बढ़ी हैं। छात्र-छात्राएं मिलाकर सबसे ज्यादा 16.02 प्रतिशत बढ़े हैं।
अल्पसंख्यक