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2012 में भर्ती शिक्षकों के स्थायीकरण पर संशय

7 वर्ष पहले
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जिलापरिषद द्वारा 2012 में आयोजित ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती में चयनित 1973 शिक्षकों के स्थायीकरण पर संशय बना हुआ है। इस भर्ती में सैकंड लेवल (कक्षा छह से आठ)तक के लिए 1765 प्रथम लेवल (कक्षा एक से पांच)तक के लिए 208 शिक्षको को पोस्टिंग दी गई थी। इस भर्ती में जिप स्थापना समिति में शिक्षकों की चयन सूची का अनुमोदन हुआ था, जबकि पोस्टिंग पंचायत समितियों में बीडीओ ने दी थी। उस वक्त जिप ने 14 सितंबर को सूचियां बीडीओ को भेजी थी। इस हिसाब से इन शिक्षको को नौकरी करते हुए दो साल पूरे हो चुके हैं। अब बीईईओ कार्यालयों ने संबंधित संस्था प्रधानों से शिक्षक की नौकरी से संबंधित दस्तावेज मांगकर स्थायीकरण की फाइलें तैयार की है परंतु स्थायीकरण कब और कौन करेगा यह तय नहीं है। स्थायीकरण के लिए शिक्षक संबंधित बीईईओ डीईओ कार्यालय में चक्कर भी लगाने लगे हैं।

स्थायीकरणहोने पर बढ़ेगा वेतन

इनशिक्षकों को दो साल के प्रोबेशनरी पीरियड में 8,950 रुपए फिक्स वेतन दिया जा रहा था। अब इनके स्थायीकरण का आदेश जारी होने के बाद ग्रेड पे 2800 के हिसाब से वेतन अन्य परिलाभ मिलेंगे। अभी 1973 शिक्षकों को यह परिलाभ नहीं मिल रहे हैं।

विवादोंमें रही है यह भर्ती

शिक्षकभर्ती 2012 शुरू से ही विवादों में रही और अभी तक समाधान नहीं हुआ। इसमें दो बार परिणाम संशोधन हुआ। चयन के बाद 226 अभ्यर्थी मेरिट से बाहर हुए परंतु हटे नहीं। भीलवाड़ा में एक ही सबजेक्ट के अलग-अलग पेपर आए। अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट देखी तो कई सवालों के जवाब सही होने पर भी गलत किए। इस परीक्षा से संबंधित करीब 1563 शिकायतें जिप में आई थीं। इनमें से अधिकांश मामले भर्ती में अनियमितताओं के ही हैं।

2013की भर्ती का नहीं आया रिजल्ट

जिलापरिषद ने ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती 2013 में 808 पदों के लिए परीक्षा ली। इसका अभी तक परिणाम जारी नहीं हुआ है, जबकि 2014 भी पूरा होने को है। 2012 की भर्ती में बाहर हुए कई अभ्यर्थियों ने वापस एग्जाम दिया परंतु रिजल्ट नहीं आने से कुछ क्लियर नहीं हो रहा है।

^2012 में हुई ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती का मामला अभी विवादों में हैं। विभाग के स्तर पर कार्रवाई चल रही है। फिलहाल इस भर्ती में यथास्थिति के आदेश है, इसलिए किसी का स्थायीकरण नहीं हो सकता। वेतन सहित अन्य परिलाभ भी जब ही मिल सकते हैं, जब इनके स्थायीकरण के आदेश जारी होंगे।