भीलवाड़ा। बनास नदी पर बने एनीकट में प्रोसेस हाउसों द्वारा प्रदूषित पानी छोड़ने से परेशान मंगरोप के ग्रामीणों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। वे एनीकट तोड़ने की मांग कर रहे हैं। काला पानी रोको, एनीकट हटाओ संघर्ष समिति के बैनर तले मंगरोप आसपास के छह गांवों के ग्रामीण दोपहर 12 बजे नदी किनारे सांवरिया मंदिर के पास धरने पर बैठ गए।
मंगरोप के उप सरपंच इब्राहीम बिसायती, अनिल सोलंकी, भैरूलाल सोमानी, संतोष खटीक, रईस मेवाती, महेंद्र दमामी, भगवानलाल बलाई, शरीफ भाई शेख, गोपाल मारू सहित कई लोगों में काले पानी को लेकर गुस्सा है। सोलंकी ने बताया कि कुछ प्रोसेस हाउसों द्वारा काला पानी छोड़े जाने से एनीकट में पानी भरा। इससे आसपास की जमीन कुएं रिचार्ज हुए और इनका पानी भी खराब हो गया। ग्रामीणों की मांग की है कि काला पानी वाला एनीकट तोड़ा जाए, ताकि इसमें पानी भरा नहीं रहेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एनीकट नहीं तोड़ा गया तो सोमवार से भूख हड़ताल की जाएगी। धरने की सूचना पर एसडीएम अविचल चतुर्वेदी, आईएएस प्रोबेशनर नथमल डिडेल, मंगरोप थाना प्रभारी विनोद मीणा भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, पर वे नहीं माने। अधिकारियों ने इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर समाधान का भरोसा दिलाया।