4 उप तहसीलों पर ताले
शंभूगढ़. उपतहसील कार्यालय पर लगा ताला।
ललित ओझा | भीलवाड़ा
सवासाल पहले कांग्रेस सरकार ने जिले में उप तहसीलें तो खोल दीं, पर स्टाफ नहीं लगाया। जहां लगाए, वहां से भी अफसर ट्रांसफर या रिटायर हो गए। नतीजा, लोग परेशान हो रहे हैं। जिले की 11 में से 6 उप तहसीलों का यही हाल है। इनमें से भी 4 उप तहसील ज्ञानगढ़, शंभूगढ़, खजूरी पंडेर पर ताले लगे हैं। पारोली काछोला में नायब तहसीलदार (एनटी) नहीं हैं।
जो उप तहसीलें चल रही हैं, वहां भी बाबू हैं सहायक कर्मचारी। ज्ञानगढ़, शंभूगढ़ पारोली में तो 17 जून 2013 को उप तहसील खुलने के बाद से ही एनटी नहीं लगाए। पंडेर एनटी 9 जुलाई 2014 तथा खजूरी एनटी 31 अक्टूबर 2013 को रिटायर हो गए। काछोला एनटी का 3 मार्च 2014 को तबादला हो गया। यही वजह है कि लोगों को राजस्व संबंधी कामों के लिए तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उधर, कार्यवाहक कलेक्टर गिरिराज कुमार वर्मा का कहना है कि पहले से ही अधिकारी स्टाफ कम है,ऐसे में कहां से लगाएं। सरकार को भी इस बारे में लिखा है। सरकार स्टाफ भर्ती करे या बाहर से भेजे तभी लगाना संभव है।
हरदफ्तर में चाहिए 10 कर्मचारी
सरकारने प्रत्येक उप तहसील कार्यालय के लिए 10 पद स्वीकृत किए हैं। नायब तहसीलदार, असिस्टेंट ऑफिस कानूनगो, वरिष्ठ लिपिक एक-एक, कनिष्ठ लिपिक दो सहायक कर्मचारी पांच।
इसलिएखोली उप तहसील
तत्कालीनमुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई उप तहसीलें खोली थीं। मंशा थी कि ग्रामीणों के राजस्व संबंधी कार्य उनके गांव में ही हो जाए।
एनटीबन गए सहायक कर्मचारी
गेंदलिया.बड़लियासउप तहसील कार्यालय में एनटी को छोड़ स्थायी रूप से कोई कर्मचारी नहीं है। जब कार्यालय खुला तब एक सहायक कर्मचारी था। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने उसे भी एपीओ कर दिया। अभी कोटड़ी तहसील से सप्ताह में तीन सहायक ऑफिस कानूनगो बाबू को बुलाना पड़ता है। शेष दिन एनटी खुद बाबू सहायक कर्मचारी का काम करते हैं।
यहकाम हो रहे प्रभावित
सीमाज्ञान,कृषि भूमि की रजिस्ट्री, रहन मुक्ति आदेश, हिस्सा प्रमाण पत्र, नवीन कुआं दर्ज कराने, नवीन चाह नियमन, शुद्धि पत्र, जाति प्रमाण पत्र, रजामंदी बंटवारा, रास्ता विवाद निपटारा, बैंक रहन कागजात, आबादी विस्तार आदि।
^कर्मचारियों की कमी के कारण कामकाज निपटाने में परेशानी आती है। तहसील से आफिस कानूनगो यूडीसी बुलाकर काम निपटाने