मानसरोवर झील को बनाएंगे पिकनिक स्पॉट
घूमने की जगह बनने से जनता को फायदा
रेलवेलाइन के पश्चिम में बसे शहर में कोई बड़ी जगह घूमने के लिए नहीं है। मानसरोवर झील डवलप होने से आधे शहरवासियों को इसका फायदा मिलेगा। पटेलनगर, पटेलनगर विस्तार यूआईटी की आवासीय योजना है। इसमें यूआईटी की फॉर्म हाउस स्कीम भी है। मानसरोवर झील विकसित होने से दोनों योजनाओं की जमीन के भावों में उछाल आएगा। इससे यूआईटी की आय बढ़ेगी।
ऐसा होगा हमारा पिकनिक स्पॉट
झील के आसपास अभी झाड़ियां बबूल बहुतायत में हैं लेकिन अब आसपास की जगह में पार्क डवलप किए जाएंगे। इसके आसपास ही यहां प्राइवेट एजेंसी के जरिए रेस्टोरेंट भी खुलवाया जाएगा ताकि यहां घूमने आने वाले लोग चटपटे व्यंजनों का मजा ले सके।
अभी झील की गहराई कम है लेकिन अब झील की गहराई भी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही गंदे पानी की भी सफाई की जाएगी। इसमें फतहसागर झील की तर्ज पर बोटिंग कराई जाएगी। इसका लोग दिनभर आनंद ले सकेंगे। अभी शहर में कहीं भी बोटिंग नहीं होती।
झील के चारों ओर अभी मिट्टी की पाल है लेकिन अब करीब दो किलोमीटर लंबा वॉकिंग ट्रैक बनेगा। ट्रैक पर अलग-अलग डिजाइन की रंग-बिरंगी मॉडर्न रेलिंग लगाई जाएगी। अभी झील के आसपास बैठने के लिए कोई जगह नहीं है लेकिन अब जगह-जगह सीटें लगाई जाएगी।
भीलवाड़ा.नगर विकासन्यास ने मानसरोवर झील की सफाई का अभियान बुधवार से शुरू किया।
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा
वहदिन दूर नहीं जब शहर में एक मनोरम पिकनिक स्पॉट पर लोग सैर सपाटा करते नजर आएंगे। उदयपुर की फतहसागर झील की तर्ज पर पटेलनगर स्थित मानसरोवर झील को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। अभी शहर में उदयपुर जैसा कोई प्राकृतिक मनोरम स्थान सैर सपाटे के लिए नहीं है।
मानसरोवर झील को पिकनिक स्पॉट बनाने के लिए यूआईटी ने बुधवार से यहां काम शुरू भी कर दिया है। पहले दिन चार जेसीबी, तीन ट्रैक्टर अन्य संसाधनों से झाड़ियां , बबूल हटाने का काम शुरू हो गया। काम समय पर पूरा हो इसलिए सभी इंजीनियर्स की अलग-अलग फेज में ड्यूटी लगाई गई है। सेक्रेट्री पीएस सांगावत ने बताया कि झील के आसपास सफाई नहीं होने तक काम सुबह से शाम जारी रहेगा। सफाई का काम करीब 20 दिन तक चलेगा। डवलपमेंट का काम यूआईटी ही करेगा। फर्स्ट फेज में करीब 20 लाख रुपए खर्च होंगे।
पानीको साफ करना बड़ी चुनौती: झीलमें तीन नालों से गंदा पानी रहा है। इससे पूरी झी