भीलवाड़ा। रोज निजी ट्रैवल्स बसों में यात्रा करने वाली करीब 8 हजार महिलाएं सुरक्षित नहीं है। इन ट्रैवल्स बसों के चालकों-परिचालकों का परिवहन विभाग ट्रैवल्स एजेंसियों के पास कोई रिकॉर्ड नहीं हैं। महिलाओं के प्रति इनका व्यवहार भी संवेदनशील नहीं रहता है। मजबूरी में इन बसों में यात्रा करने वाली महिलाएं डरी-सहमी रहती है।
शहर से रोज करीब 200 ट्रैवल्स निजी बसें चलती हैं। करीब 23 लाख का कारोबार करने वाली इन बसों में करीब 20 हजार यात्री सफर करते हैं, जिनमें करीब 8 हजार महिलाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए इन बसों में रोडवेज की तरह तो हेल्पलाइन नंबर हैं और ही चालक-परिचालक की पहचान का रिकॉर्ड।
ऐसे में महिला यात्री के साथ किसी तरह की अशोभनीय हरकत होने की स्थिति में तो समय पर सहायता मिल पाती है और ही अपराधी पकड़ में आता है। करीब 26 में से 10 ट्रैवल्स एजेंसियों 15 निजी बसों में चालक-परिचालक के बारे में पूछताछ की तो किसी को पता नहीं हैं। इसकी जानकारी परिवहन विभाग के पास भी नहीं हैं। परिवहन विभाग के पास केवल लाइसेंस लेने वालों का रिकॉर्ड हैं।
शहर में करीब 25-30 एजेंट हैं, जिनका काम यात्रियों को टिकट देकर बस में बैठाने के बाद समाप्त हो जाता है।
6 राज्यों में जाती हैं बसें
यहां से छह राज्यों में बसें जाती हैं। इनमें एमपी, यूपी, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात महाराष्ट्र शामिल हैं। सबसे अधिक 30 बसें अहमदाबाद 15-15 बसें सूरत एवं दिल्ली के बीच चलती हैं।
रिकॉर्ड नहीं
भीलवाड़ा ट्रैवल्स एसोसिएशन अध्यक्ष सत्यनारायण बंसल का कहना है कि चालक का लाइसेंस देखते हैं, रिकॉर्ड हमारे पास नहीं होता है। यात्रियों के साथ किसी तरह की गड़बड़ी की हालत में बस मालिक जिम्मेदार हैं।
बसमें हुई थी ज्यादती
पांच-छहमाह पूर्व उदयपुर से भीलवाड़ा रही एक ट्रैवल्स बस में सफर के दौरान महिला के साथ ज्यादती की घटना हुई थी। आरोपी पुर थाना क्षेत्र में ओवरब्रिज के पास खिड़की से कूदने का प्रयास कर रहा था, जिसे यात्रियों ने पकड़ पुलिस को सौंपा था।
{ राज लक्ष्मी ट्रैवल्स के हेमंत लढा का कहना है कि हम केवल बुकिंग करते हैं, इसके बदले हमें कमीशन मिलता है। चालक-परिचालक का रिकॉर्ड हमारे पास नहीं हैं।
{ बुकिंग एजेंट गंगाराम का कहना है कि हमें प्रति टिकट 10 रुपए कमीशन से मतलब हैं। चालक-परिचालक की जानकारी बस मालिक के पास मिलेगी।
{ बुकिंग एजेंट बालूराम का कहना है कि टिकट बुकिंग के बाद यात्री को रास्ते में कोई परेशानी होती हैं तो बस संचालक जिम्मेदार हैं।
रोडवेज से दुगुना कारोबार
200 बसें चलती हैं शहर से, 23लाख का करती हैं कारोबार, 11लाख का रोडवेज का कारोबार
20 हजार यात्री करते हैं रोजाना यात्रा
(यह जानकारी ट्रैवल्स रोडवेज के हवाले से दी गई)