गांवों की नई सरकार समझने लगी अधिकार
जिलेमें पंचायत चुनाव पूरे हो चुके हैं। गांवों में नवनिर्वाचित पंच-सरपंचों ने काम संभालना शुरू कर दिया है। कई सरपंच ऐसे हैं जो पहली बार निर्वाचित हुए हैं। प्रधान जिला प्रमुख की भी चुनाव से पहले किए वादों को पूरे करने की बारी गई है। गांवों की सरकार बनने के बाद ग्रामीणों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। वैसे भी इन जनप्रतिनिधियों के पास कई अधिकार हैं, जिससे गांवों का विकास हो सकता है। पंचायतीराज अधिनियम के तहत भी इन्हें ढेर सारे अधिकार और शक्तियां दी गई हैं। जनप्रतिनिधियों के साथ ही जनता को भी अपने हक की आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। यदि सरपंच या वार्ड पंच विकास में कोताही या अनियमितता बरते तो उसके खिलाफ दो साल बाद कलेक्टर और संभागीय आयुक्त को शिकायत कर उन्हें निलंबित तक करा सकते हैं।
किनकेपास क्या हैं अधिकार
{ जिला प्रमुख: मानदेय9 हजार रुपए प्रतिमाह तथा एक हजार रुपए मकान किराया
अधिकार:तीनमाह में कम से कम एक बैठक लेंगे। जिला परिषद में प्रशासनिक नियंत्रण करेंगे। आपदा में किसी को एक लाख तक तुरंत सहायता दे सकेंगे। सीईओ की सालाना रिपोर्ट निदेशक को भेजेंगे। चारागाह, बंजर भूमि और रिक्त भूमि का प्रबंध पंचायत को सौंपेंगे।
{प्रधान:मानदेय 6000रुपए प्रतिमाह
अधिकार:हरमहीनेएक बैठक बुलाएंगे और अध्यक्षता करेंगे। स्वैच्छिक संगठन विकसित कर सहयोग देंगे। सरपंचों, पंचायत समिति सदस्यों में समन्वय कराएंगे। सरपंचों की बैठक बुला सकेंगे। ये पेयजल, बिजली, सिंचाई, पशु, फसल और मानव रोग से निपटने के लिए बैठक लेंगे। पंचायत की दुकानें नीलाम या किराए दे सकेंगे। प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए किसी एक साल में 25000 रुपए खर्च कर सकेंगे।
{जिला परिषद सदस्य: बैठकभत्ता 500 रुपए प्रतिमाह तथा 80 पैसे प्रति किमी टीएडीए मिलेगा।
अधिकार:येजिले की समस्या उठा सकते हैं। समाधान नहीं होने पर अधिकारियों से जवाब मांग सकते हैं। जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख के खिलाफ एक तिहाई बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव विकास आयुक्त को दे सकते हैं।
{पंचायत समिति सदस्य:350 रुपएमासिक बैठक भत्ता और 80 पैसे प्रति किमी टीएडीए।
अधिकार:क्षेत्रमेंपानी-बिजली सहित अन्य समस्या उठा सकते हैं। प्रधान उप प्रधान के खिलाफ एक तिहाई बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं।
{सरपंच:मानदेय 3500रुपए
अधिकार:सालमेंदो ग्राम सभा और हर पंद्रह दिन में ग्राम पंचायत की बैठक करेंगे। आबादी भूमि नीलाम कर सकेंगे। अतिक्रमण पर कार्रवाई और कुर्की वारंट जारी कर संपत्ति नीलामी से वसूली कर सकेंगे। इनका काम सफाई, रोशनी, जलापूर्ति की व्यवस्था। बीपीएल का चयन, विधवा, विकलांग अन्य पेंशन तथा मशीन, ट्रायसाइकिल दिलाना रहेगा।