एसडीएम ने भी माना हाइवे तालाब के बीच
उपनगरपुर के वर्षों पुराने तालाब के बीच हाइवे निकालने के मामले की जांच करने के लिए मंगलवार को एसडीएम अविचल चतुर्वेदी पुर पहुंचे। उन्होंने वहां तालाब की जमीन हाइवे का निरीक्षण किया और चारों तरफ के सभी प्वाइंट का बारीकी से अवलोकन किया। वे अपने साथ एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एचके भट्ट को भी ले गए थे। उन्होंने भट्ट से भी आवश्यक जानकारी ली। एसडीएम ने भी माना कि हाइवे तालाब के बीच ही बन रहा है और इससे बहाव बाधित होगा। तालाब के लोकेशन की जानकारी नक्शे में भी दी गई है। चतुर्वेदी ने बताया कि तालाब के बीच हाइवे बनने की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी।
जनभावना का ध्यान रखेंगे
एसडीएमचतुर्वेदी ने बताया कि एनएचएआई अधिकारियों से भी मामले की जानकारी ली गई है। उनके जवाब के बाद यह भी देखा जाएगा कि पुर की जनता क्या चाहती है? इस संबंध में ग्रामीणों से बात कर उनकी भावना का भी ध्यान रखा जाएगा।
कोर्टमें सुनवाई आज
पुरतालाब के बीच हाइवे निकालने के संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में दर्ज कराए परिवाद पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। तालाब के बीच हाइवे निकालने को आपराधिक कृत्य बताते हुए कोर्ट में परिवाद पेश किया गया है। मामले में एनएचएआई, कंस्ट्रक्शन कंपनी नगर परिषद को पार्टी बनाया गया है।
जनभावना का ध्यान रखेंगे
एसडीएमचतुर्वेदी ने बताया कि एनएचएआई अधिकारियों से भी मामले की जानकारी ली गई है। उनके जवाब के बाद यह भी देखा जाएगा कि पुर की जनता क्या चाहती है? इस संबंध में ग्रामीणों से बात कर उनकी भावना का भी ध्यान रखा जाएगा।
कोर्टमें सुनवाई आज
पुरतालाब के बीच हाइवे निकालने के संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में दर्ज कराए परिवाद पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। तालाब के बीच हाइवे निकालने को आपराधिक कृत्य बताते हुए कोर्ट में परिवाद पेश किया गया है। मामले में एनएचएआई, कंस्ट्रक्शन कंपनी नगर परिषद को पार्टी बनाया गया है।
नगर परिषद कर रही है मामले में ढिलाई
तालाबनगर परिषद की जमीन में होने के बावजूद नगर परिषद मामले में ढिलाई बरत रही है। नगर परिषद ने पहले तीन दिन का नोटिस दिया था। एनएचएआई द्वारा गोलमाल जवाब देने के बावजूद परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब नगर परिषद निर्माण शाखा ने फाइल लीगल शाखा को आगे की कार्रवाई से पहले राय लेने के लिए भेजी है। लीगल शाखा ने अभी तक राय नहीं दी है। फाइल वहीं पड़ी हुई है।
आपत्ति नगर परिषद को करनी चाहिए
एसडीएमचतुर्वेदी ने बताया कि तालाब की जमीन नगर परिषद के नाम दर्ज है। इसलिए एनएचएआई द्वारा जमीन अधिग्रहण के लिए निकाले गए नोटिफिकेशन के समय नगर परिषद को आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी। नगर परिषद ने आपत्ति दर्ज क्यों नहीं कराई, यह नगर परिषद ही जाने।