सबसे पहले इंसान बनना जरूरी-नूरानी मियां
सबसे पहले इंसान बनना जरूरी है, सब बाद के मजहब है, व्यक्ति का सबसे बड़ा मजहब इंसानियत है। धर्म चाहे कोई भी हो वो आतंकवाद की बात नहीं करता और जो आतंकवाद की बात करता है, वो अधर्म है। यह कहना है किछोछा शरीफ से आए मोहम्मद नूरानी मियां अशरफी अल जिलानी का। नूरानी मियां ने शनिवार देर शाम ईदगाह चौक गुल अली नगरी में अशरफी चिश्ती सेवा संस्थान द्वारा आयोजित जश्ने गौसुलवरा कार्यक्रम में शिरकत करते यह बात कही। उन्होंने कहा कि इंसान का जन्म उसकी मर्जी से होता है, और ही उसकी मौत। जिस इंसान को जीवन जीने के तरीका गया, वहीं व्यक्ति पुरुष से महापुरुष और आम इंसान से सूफी बन जाता है। संस्थान के कोषाध्यक्ष मोहम्मद वसीम गौरी ने बताया कि जयपुर से आए मोहम्मद इमरान ने कार्यक्रम में नात पेश की।
इस्लामअमन का मजहब
शहर काजी मौलाना खुर्शीद आलम ने कहा कि इस्लाम अमन-शांति भाईचारे का मजहब है। इस्लाम में ऊंच-नीच, काले-गोरे, अमीरी-गरीबी में फर्क नहीं किया जाता। शहर काजी ने यह विचार शनिवार को गोल प्याऊ चौराहा के पास निजी संस्थान में आयोजित पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि पैगंबर साहब ने कहा कि जो इंसान वतन का गद्दार है। वह इस्लाम का भी गद्दार है।