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भीलवाड़ा में बढ़ रहे हैं हार्ट के युवा रोगी

7 वर्ष पहले
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भीलवाड़ा. वर्ल्डहार्ट डे पर कार्यशाला में डॉक्टरों ने बताया कि दिन में पांच ग्राम से अधिक नमक खाना हार्ट के लिए घातक हो सकता है। यह जानकारी जिला अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में कार्यशाला में दी। उन्होंने कहा कि अभी व्यक्ति औसत रूप से दिन में दस ग्राम से अधिक नमक खा जाता है जो नुकसानदायी है और इसे कम करना जरूरी है।
नमक में सोडियम की मात्रा होती है, यह शरीर में ज्यादा होने पर ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में चलाए जा रहे एनसीडी प्रोजेक्ट के तहत वर्ल्ड हार्ट डे पर कार्यशाला रखी गई। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेपी भदादा, डॉ. अग्रवाल ने हार्ट रोग उसके बचाव के बारे में जानकारी दी।
इसमें बताया कि बिगड़ते खानपान के कारण युवाओं में हार्ट की बीमारियां बढ़ रही हैं। तंबाकू सेवन, असंतुलित आहार, बिगड़ती लाइफस्टाइल के कारण हार्ट की बीमारियां बढ़ रही हैं। डॉ. भदादा ने कहा कि युवाओं को हार्ट की बीमारियां नहीं हो इसके लिए युवाओं को व्यायाम करना चाहिए। सीएमएचओ डॉ. मुश्ताक खान ने एनसीडी प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. अशोक खटवानी, पियूष पुरोहित, सुमित श्रीमाली, दीनबंधु पालीवाल आदि मौजूद थे।

डॉक्टरों ने बताया कि मरीज के सीने में दर्द होने पर उसे ज्यादा बोलने नहीं दे और भीड़ से दूर रखे और तुरंत अस्पताल ले जाएं। अगर दो व्यक्ति हैं तो बारी-बारी से सीपीआर दें। लगातार छाती को पूरे जोर से दस से पंद्रह मिनट दबाने की प्रक्रिया को सीपीआर कहा जाता है। इससे हार्ट के दोबारा सक्रिय होने की संभावना रहती है।

कार्यशाला में बताया कि खानपान सही नहीं होने से 20 से 40 साल के युवाओं में भी हार्ट की बीमारी सामने रही है। इनमें हार्ट अटैक के साथ ही कार्डिक अरेस्ट का खतरा भी बना रहता है। पिछले तीन माह में हार्ट के करीब 15 रोगी ऐसे आए हैं जिनकी उम्र 40 साल से भी कम है। इसमें भी इन दिनों 50 प्रतिशत रोगियों की मौके पर ही डेथ हो जाती है। उन्हें कुछ बोलने या प्रतिक्रिया देने का समय भी नहीं मिलता है। इसलिए लोगों को संतुलित आहार लेना चाहिए।