भीलवाड़ा। जिले में स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार है। लादूवास के एक 16 वर्षीय संदिग्ध रोगी को मंगलवार को जिला अस्पताल से गंभीर अवस्था में अजमेर रैफर किया गया। स्वाइन फ्लू वार्ड प्रभारी डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि यह रोगी सोमवार को जिला अस्पताल भर्ती किया गया था।
ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर इसे स्वाइन फ्लू वार्ड में लाया गया। यहां उसके स्वाब का सैंपल लेकर अजमेर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण उसे अजमेर रैफर कर दिया गया है। एक अन्य व्यक्ति को भी रैफर किया है।
इधर, जिला अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती रोगियों की संख्या आठ हो गई है। मंगलवार को जिला अस्पताल में तीन निजी अस्पताल के दो रोगियों को संदिग्ध मानते हुए उनके स्वाब के सैंपल लिए गए।
सीएमएचओ डॉ. सतीश डाभी ने बताया कि विभाग द्वारा अब तक 65 हजार 781 घरों के सर्वे में सर्दी, जुकाम, खांसी के 12 हजार 275 केस सामने आए हैं। खैराबाद, बीलिया आदि गांवों में स्कूलों आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को स्वाइन फ्लू के बारे में शिक्षा दी। जिला अस्पताल में ट्रोमा वार्ड में स्वाइन फ्लू शिफ्ट करने का अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
आयुर्वेद में भी है इलाज
हल्का जुकाम, खांसी होने पर दिन में कई बार गर्म पानी का सेवन करें। दही, छाछ का उपयोग करने से बचें। दो चम्मच शहद, एक चम्मच अदरक का रस, आधा चम्मच तुलसी के पत्तों के रस का रोज सेवन करें।