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प्रभारी मंत्री के विभाग में ही अधिकारियों का टोटा
5 माह से उप निदेशक का पद भी खाली
पांचमाह से जिले में महिला बाल विकास विभाग के मुखिया का पद रिक्त चल रहा है। यहां से पिछले साल सितंबर माह में उप निदेशक दया सक्सेना के सेवानिवृत होने के बाद किसी अधिकारी को नहीं लगाया गया है। जिला परिषद एसीईओ प्रभा गौतम को इसका अतिरिक्त भार दे रखा है।
25सुपरवाइजर की जरूरत
आंगनबाड़ीकेंद्र विभाग के बीच की मुख्य कड़ी महिला सुपरवाइजर के जिले में 74 पद स्वीकृत हैं उनमें से 25 पद खाली चल रहे हैं।
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा
महिलाएवं बाल विकास विभाग की मंत्री अनिता भदेल के प्रभार वाले जिले में ही विभागीय अधिकारियों का टोटा चल रहा है। जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग प्रभावित हो रही है।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का भुगतान महिलाओं को समय पर नहीं मिल रहा है। महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र सीडीपीओ कार्यालय के बीच चक्कर लगा रही हैं। अधिकारियों की कमी के कारण कई ब्लॉक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा आशा सहयोगिनियों को समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। ऐसे में गुणवत्ता पूर्वक कार्य नहीं हो पा रहा है।
नौसीडीपीओ के पद खाली
जिलेमें विभाग के 12 परियोजना कार्यालय हैं। जिनमें से नौ में सीडीपीओ के पद खाली चल रहे हैं। इन सभी का अतिरिक्त कार्यभार संबंधित बीईईओ को दे रखा है। सभी अधिकारियों को स्वयं के विभागीय कार्य से ही फुर्सत नहीं मिलती है। महिला सुपरवाइजरों की बरसों से पदोन्नति नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हो रही है।
10प्रचेताओं की कमी
महिलाउत्थान सशक्तिकरण के कार्य में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने वाली प्रचेताओं के जिले में 11 पद स्वीकृत हैं लेकिन केवल बनेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में एक प्रचेता कार्य कर रही है। बाकी अन्य सभी स्थानों पर पद खाली हैं।