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स्वाइन फ्लू पॉजिटिव को मेडिकल वार्ड में भर्ती किया

6 वर्ष पहले
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रिपोर्ट पॉजिटिव देख कर दिया मेडिकल वार्ड में भर्ती

भास्करके सवाल पर यह बोली ड्यूटी डॉक्टर मखमल चौधरी

सवाल- स्वाइनफ्लू का पॉजिटिव रोगी को आपने मेल मेडिकल वार्ड में शिफ्ट करवाया।

जवाब- हांमैने उसे देखा था, उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव थी, उसकी मेडिकल वार्ड एंट्री के लिए ऐसा करके मैंने फिजिशियन को कॉल कर दिया था, ताकि उसे आइसोलेशन वार्ड ले जाया जाए।

सवाल- स्वाइनफ्लू रोगी एक घंटे तक मेडिकल वार्ड में रहा और वहां भर्ती अन्य रोगी दहशत में रहे।

जवाब- पहलेरोगी को मेल मेडिकल वार्ड में ही ले जाना था

सवाल - ऐसा क्यों?

जवाब- उसकीएंट्री वहीं होनी थी।

सवाल- एंट्रीकरने से ज्यादा जरूरी रोगियों की सुरक्षा है, वह बाद में भी की जा सकती थी

जवाब- (डॉक्टरने कोई जवाब नहीं दिया। फोन काट दिया।)

पीएमओ केसी पवार से सवाल जवाब

सवाल- स्वाइनफ्लू रोगी की पॉजिटिव रिपोर्ट के बावजूद क्या उसे पहले मेडिकल वार्ड में ले जाया जाता है?

जवाब- नहींऐसा नहीं है, एंट्री की प्रक्रिया होती है, लेकिन पॉजिटिव केस को पहले आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाता है।

सवाल- जिलाअस्पताल में दोपहर में आया पॉजिटिव केस मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती कर दिया गया।

जवाब- मेरीजानकारी में अब आया है, मैं दिखवाता हूं।

भीलवाड़ा. स्वाइनफ्लू का रोगी मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती।

हैल्थ रिपोर्टर | भीलवाड़ा

जिलाअस्पताल में आए एक स्वाइन फ्लू रोगी को ड्यूटी डॉक्टर ने लापरवाही से मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती कर दिया। जानलेवा साबित हो रहे इस रोग को लेकर जिला अस्पताल के डॉक्टर कितने सजग है, इसकी पोल इस मामले से खुल गई। यह मरीज एक घंटे तक इस वार्ड में भर्ती रहा। इस दौरान पूरे वार्ड में यह खबर फैल गई कि स्वाइन फ्लू रोगी हमारे बीच भर्ती है तो दूसरे मरीजों में खलबली मच गई। काफी देर तक इस रोगी को स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती करने कोई नहीं पाया। आखिर में फिजिशियन डॉ. अंजू कोचर ने उसकी रिपोर्ट देखी और उसे स्वाइन फ्लू वार्ड में शिफ्ट करवा दिया।

जांचमें हुई पुष्टि

गुलमंडीनिवासी इस मरीज की जांच जयपुर में एक निजी लेबोरेटरी में करवाई गई थी। यह जांच 9 फरवरी को हुई और 11 तारीख को आई रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू होना पाया गया। मरीज भीलवाड़ा गया और यहां जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने इसे मेडिकल वार्ड में भर्ती करवा दिया।

वार्डमें बढ़ा खतरा

वार्डमें जैसे ही खबर फैली कि यहां भर्ती कराया गया रोगी स्वाइन फ्लू का शिकार है तो लोग सकते में गए और भयभीत हो गए। लोग जो मरीजों साथ यहां रह रहे थे वे मास्क के अभाव में मुंह को ढककर बचाव करते दिखे तो कुछ वार्ड के बाहर निकल आए। चिकित्सा स्टाफ भी सकते में रहा।