बंटी श्रीराम जन्म की बधाई
भीलवाड़ा. आजादचौक में रामलीला मंचन में शनिवार को श्रीराम जन्म प्रसंग का मंचन हुआ एवं इस दौरान उनके जन्म की खुशी का उल्लास फैल गया। अयोध्या में घर-घर उत्सव छा गया। राजा दशरथ एवं रानियां हर्षित नजर रही थी। लेकिन इस उल्लासपूर्ण प्रसंग से पूर्व भावुक कर देने वाले श्रवण कुमार का प्रसंग आया।
माता पिता को जल पिलाने के लिए सरोवर पहुंचने पर श्रवण राजा दशरथ के तीर का शिकार बन गए। लेकिन यह अपराध कर दशरथ दुखी मन से श्रवण के पास गए तो श्रवण ने कहा कि यह पानी मेरे माता-पिता को पिला दे...यह कहकर श्रवण ने प्राण त्याग दिए। लेकिन जब दशरथ द्वारा श्रवण की मृत्यु की सूचना उसके माता पिता को दी तो पुत्र वियोग में प्राण त्यागते हुए श्रवण के माता-पिता ने दशरथ को भी पुत्र वियोग में मृत्यु का शाप दे दिया। इस मार्मिक प्रसंग के दौरान संवादों को सुन दर्शक भावुक हो गए। शनिवार को कौशल्या को चतुर्भुज दर्शन, पुत्रों का शिक्षा ग्रहण करने के प्रसंग का भी मंचन हुआ।
आजहोगा ताड़का वध
रविवारको रामलीला में श्रीराम द्वारा ताड़का वध, सुभाऊ-मारीच युद्ध, अहिल्या उद्धार, गौतम ऋषि आश्रम, जनकपुरी में राम-लखन विश्वामित्र का प्रवेश आदि प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।