भीलवाड़ा। दो दिन पूर्व लापता हुए बालक का शव गुरुवार सुबह कस्बे से कुछ दूर बंद पड़ी खदान में मिला। पुलिस ने खदान का पानी खाली करवाकर गोताखोरों की मदद से शव को निकाला। बालक का दिमागी संतुलन बिगड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने भी बालक को खदान क्षेत्र में देखा था। परिजनों ने बालक की मौत पर किसी तरह की शंका जाहिर नहीं की है।
थानाधिकारी पूरणमल ने बताया बागौर निवासी 12 वर्षीय राजू पुत्र पृथ्वीराज जाट 10 फरवरी दोपहर करीब तीन बजे बिना बताए घर से निकल गया। जिसका दिमागी संतुलन बिगड़ा हुआ था।
चिंतित परिजनों ने उसकी तलाश की पर पता नहीं चलने के बाद बुधवार को राजू के काका सत्यनारायण ने थाने में सूचना दी। कुछ ग्रामीणों ने बालक को मंगलवार दोपहर कस्बे से कुछ दूर एक बंद पड़ी खदान क्षेत्र में देखने की बात कही। इस पर परिजन खदान के पास पहुंचे तो राजू की चप्पल पानी में तैरती मिली।
इसकी जानकारी थाने में दी गई। थानाधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पांच इंजन लगाकर करीब 30 फीट भरे पानी को खाली किया गया। गुरुवार सुबह बागौर के नायब तहसीलदार शंकरलाल मेजा से तीन गोताखोर लेकर खदान पर पहुंचकर बालक का शव निकाला।
नहीं हैं माता-पिता
थानाधिकारी का कहना है कि राजू के माता-पिता नहीं हैं। वह अपने काका सत्यनारायण के पास रह रहा था। 10 फरवरी को सत्यनारायण उसकी प|ी शादी-समारोह में गए हुए थे। अकेला राजू घर से निकल गया और कस्बे के पास बंद खदान में जा गिरा।
चल रहा था इलाज
पुलिस का कहना है कि राजू का कुछ समय पहले से दिमागी संतुलन ठीक नहीं था इस कारण परिजन भी उसका काफी ध्यान रखते थे। उसका गुजरात के अहमदाबाद में उपचार भी कराया जा रहा था। इसके चलते उसे स्कूल भी नहीं भेजा जा रहा था।