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घर बैठे देख सकेंगे जमीनों के डीएलसी रेट, बना सकेंगे रजिस्ट्री कागजात
जिलेके किसी भी कोने में जमीन की रजिस्ट्री करवानी है तो अब आपको डीएलसी रेट जानने या दस्तावेज तैयार कराने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। यह सब काम आप अपने घर या ऑफिस में बैठकर भी कर सकते हैं। सरकार ने कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्री ऑफिस में ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा गुरुवार से ही शुरू कर दी।
सब रजिस्ट्रार श्यामसुंदर भांड ने बताया कि नेशनल लैंड रिकॉर्ड कंप्यूटराइजेशन प्रोग्राम के तहत यह संभव हुआ है। अब किसी भी व्यक्ति को रजिस्ट्री का पैसा पता करने, पैसा जमा करवाने या दस्तावेज तैयार करवाने के लिए दफ्तर या एजेंट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग ने जिले के सभी गांवों की डीएलसी रेट, स्टांप ड्यूटी, सरचार्ज, रजिस्ट्रेश फीस की सारी जानकारी ई-रजिस्ट्रेशन सॉफ्टवेयर पर डाल दी है। कंप्यूटर पर क्लिक करते ही पूरी इनकी पूरी डिटेल स्क्रीन पर जाएगी। रजिस्ट्री कराने वाला खुद रजिस्ट्री चार्ज की गणना कर सकेगा। यह पैसा जमा करवाने के लिए भी ऑफिस में आने की जरूरत नहीं है। ई-स्टांपिंग या ई-ग्रास चालान से बैंक में जमा होगा। इसके साथ ही व्यक्ति स्वयं जमीनों की सेल डीड, रिलीज डीड, वसीयत, पावर ऑफ अटॉर्नी सहित सभी तरह के दस्तावेज खुद तैयार कर सकेगा। उसे दफ्तर में आकर रसीद सहित दस्तावेज पेश कर फोटो खिंचवाना होगा। रजिस्ट्री होने पर इसकी सूचना भी आवेदक के मोबाइल पर आएगी।
जनता को क्या फायदा
{डीएलसी रेट या रजिस्ट्री चार्ज जानने के लिए दफ्तर के चक्कर नहीं।
{ रजिस्ट्री हुई या नहीं, पता करने के लिए आने-जाने का समय बचेगा।
{ खुद दस्तावेज तैयार कर सकेंगे तो एजेंट को दिया जाने वाला पैसा बचेगा।
विभागको फायदा
{यदि प्रोपर्टी पर स्टे है तो उसकी भी एंट्री रहेगी। ऐसे में प्रोपर्टी की रजिस्ट्री होते ही पता चल जाएगा।
{ डीआईजी आईजी दफ्तर में बैठ जान सकेंगे कि किस ऑफिस में कितनी रजिस्ट्री हुई। कितना राजस्व आया।
अब सर्च नकल फीस भी नकद जमा नहीं
दस्तावेजोंकी सर्च नकल प्राप्त करने की फीस सब रजिस्ट्रार ऑफिस में अब तक नकद जमा हो रही थी। एक साल की सर्च रिपोर्ट की फीस 50 रुपए तथा नकल की 100 रुपए प्रति दस्तावेज है। अब यह पैसा भी बैंक में ही जमा होगा। इसी के साथ पूरा दफ्तर कैश लेस सिस्टम वाला हो गया है।