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छात्राओं ने उगाई सब्जियां, हर माह 3000 रुपए की बचत
जिलेके भगवानपुरा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (केजीबीवी ) की छात्राओं ने स्कूल परिसर में सब्जियां उगाई हैं। इन छात्राओं की मेहनत रंग लाई और अभी विद्यालय की सभी छात्राओं को हरी सब्जियां खाने को मिल रही हैं। इतना ही नहीं उनकी इस पहल से प्रति माह तीन हजार रुपए की बचत भी स्कूल प्रशासन को हो रही है।
इस विद्यालय में रोजाना 78 छात्राओं को इस गार्डन से सुबह-शाम सब्जियां खाने को मिल रही हैं। इसके चलते स्कूल प्रबंधन को इन छात्राओं के लिए बाजार से सब्जियां नहीं खरीदनी पड़ती। ऐसे में विद्यालय के बजट में हर माह तीन से चार हजार रुपए की बचत हाेने लगी है। छात्राओं ने बताया कि कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने जुलाई, 2014 में निरीक्षण के दौरान किचन गार्डन विकसित करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि वे पढ़ाई के बाद कुछ समय किचन गार्डन के लिए निकालेंगी तो उन्हें रोजाना ताजा सब्जियां मिलेंगी। कलेक्टर के इस सुझाव को छात्राओं ने माना और सब्जियां उगा दीं। एचएम भावना शर्मा वार्डन आशा शर्मा ने कृषि अधिकारियों से संपर्क कर सब्जियों का बीज इन छात्राओं को उपलब्ध कराया। अभी इस किचन गार्डन में बैंगन, लौकी, पालक, मैथी, कद्दू धनिया जैसी सब्जियां पैदा हो रही हैं। इसके अलावा आलू, गाजर, प्याज, मूली मोगरी आदि सब्जियां सप्ताहभर में मिलने लग जाएंगी।
सभी केजीबीवी में विकसित करेंगे किचन गार्डन
सर्वशिक्षा अभियान के अतिरिक्त कार्यक्रम समन्वयक तेजकरण बहेडिया ने बताया कि भगवानपुरा के किचन गार्डन में इस समय अच्छी सब्जियां लगी हुई हैं। हर माह तीन से चार हजार रुपए की बचत होने लगी है। बचत का अलग से हिसाब रख रहे हैं। मंगरोप सहित दूसरे केजीबीवी में भी अच्छा किचन गार्डन विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि छात्राओं को ताजा सब्जियां मिल सके।
दोनों समय करते हैं सब्जियों की देखभाल
कक्षाआठ की इंद्रा भाट, समता खटीक ने बताया कि वे सुबह-शाम सब्जियों की देखभाल करती हैं। उन्होंने बताया कि सब्जियों को पानी पिलाने सहित दूसरे काम के लिए कर्मचारी है परंतु वे नियमित रूप से इसकी मॉनीटरिंग करती हैं। कक्षा सात की तारा खटीक संजना जीनगर ने बताया कि वे हर दूसरे दिन इस किचन गार्डन से सब्जियां तोड़कर लाती हैं। खुद की उगाई सब्जियां खाकर छात्राएं बहुत खुश हैं।