राज्य स्तर पर सम्मानित डीईओ दो लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
भ्रष्टाचारनिरोधक ब्यूरो के भीलवाड़ा की टीम ने गुरुवार को प्रतापगढ़ जिला आबकारी अधिकारी मोती सिंह, सहायक आबकारी अधिकारी हरिराम मीणा सहित तीन लोगों को दो लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वे परमिट शुदा शराब की गाड़ी को पकड़कर छोड़ने के बदले सवा दो लाख की रिश्वत का दबाव बना रहे थे। एसीबी से गिरफ्तार जिला आबकारी अधिकारी पिछले साल 15 अगस्त पर आबकारी आयुक्त ने प्रदेश में दूसरे सर्वश्रेष्ठ अधिकारी के रूप में सम्मानित हो चुके हैं।
भीलवाड़ा एसीबी के एएसपी राजेश गुप्ता ने बताया कि भंचुडला निवासी दशरथ पुत्र अंबालाल चौधरी दो तीन दिन पहले प्रतापगढ़ स्थित गोदाम से परमिट शुदा शराब लेकर जा रहा था। उस दौरान सहायक आबकारी अधिकारी हरिराम मीणा ने रोककर शराब जब्त करने की धमकी दी। उसे केस में फंसाने की धमकी देते हुए सवा दो लाख रुपए रिश्वत मांगी। इस पर दशरथ ने बुधवार को भीलवाड़ा एसीबी ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। भौतिक सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर गुरुवार को यह कार्रवाई की।
सूचनालीक होने के डर से भीलवाड़ा दी सूचना : एसीबीविशेष शाखा के एएसपी का कहना हैं कि लोकल स्तर पर जानकारी दिए जाने पर सूचना लीक होने के डर के चलते परिवादी ने इसकी जानकारी बुधवार को भीलवाड़ा स्थित एसीबी की विशेष शाखा में दी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया और गुरुवार को कार्रवाई को अंजाम दिया। वैसे एसीबी की कोई भी टीम प्रदेश में कहीं भी ट्रेप कार्रवाई कर सकती है।
खुदनहीं पहुंचा, ऑपरेटर को भेजा रुपए लेने : दशरथने हरिराम मीणा से संपर्क किया तो गुरुवार को दो लाख रुपए देने पर सहमति बनी। इस पर दशरथ ने मारूति नगर स्थित सब्जी मंडी के पास रुपए देने के लिए बुलाया गया। ब्यूरो टीम गुरुवार दोपहर में सब्जी मंडी के आसपास मुस्तैद हो गई थी। शेष| पेज 4
जिलाआबकारी अधिकारी जयपुर हाल प्रतापगढ़ निवासी मोती सिंह और सहायक आबकारी अधिकारी डूंगरपुर हाल उदयपुर निवासी हरिराम रोत (मीणा) ने खुद नहीं जाकर अपने ऑपरेटर राजेश गुर्जर को पैसे लेने भेजा। ऑपरेटर को रुपए सौंपने के साथ ही एसीबी को इशारा मिल गया। इस पर ब्यूरो टीम ने ऑपरेटर को रिश्वत की राशि के साथ धरदबोचा।
मौके पर हाथ धुलवाने पर रंग निकल आया। ऑपरेटर को पकड़ने के बाद ब्यूरो टीम आबकारी रोड स्थित दफ्तर पहुंची। वहां से जिला आबकारी अधिकारी मोती सिंह सहायक आबकारी अधिकारी हरिराम मीणा को धरदबोचा। टीम उन्हें लेकर स्थानीय ब्यूरो कार्यालय लेकर पहुंची और पूछताछ की। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए अधिकारियों के निवास और दफ्तर में भी जांच की गई है।
एडीईओ के उदयपुर निवास पर कार्रवाई
एडीईओ हरिराम रोत के सेक्टर 5 में नारकोटिक्स विभाग के पास कॉलोनी स्थित घर एसीबी उदयपुर के सीआई हरिश्चंद्र सिंह ने कार्रवाई की। वहां से उन्हें एक महेंद्रा एक्सयूवी, चार टू व्हीलर, डूंगरपुर में दो प्लॉट के कागजात, उदयपुर के प्रभातनगर में तीन दुकानें जिसमें उसका बेटा चाइनीज फास्ट फूड सेंटर संचालित करता है की जानकारी मिली। तलाशी में एसीबी को करीब 20 तोला जेवर सहित नकदी बरामद हुई है।
प्रदेश में दूसरे स्थान पर देता था रेवेन्यू, हुआ था सम्मानित
प्रतापगढ़ जिले में मोती सिंह लंबे समय से जिला आबकारी अधिकारी पद था। वह प्रदेश में सर्वाधिक रेवेन्यू देने वाले अधिकारियों में है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में जयपुर के बाद रेवेन्यू देने पर उसे 15 अगस्त को आबकारी आयुक्त ओपी यादव ने सम्मानित किया था। इस बारे में यादव ने कहा कि यह विभागीय स्तर पर दिया जाता है। इसकी आड़ में वे यह खेल कर रहे थे, इसकी जानकारी नहीं थी। रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद उस सम्मान की कोई वैल्यू नहीं रह गई। अब केस की सूचना आने पर डीईओ और एडीईओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीओपी को भेजा जाएगा और ऑपरेटर का निलंबन विभागीय स्तर पर किया जाएगा।
सूचना लीक होने के डर से भीलवाड़ा दी सूचना
एसीबी विशेष शाखा के एएसपी का कहना हैं कि लोकल स्तर पर जानकारी दिए जाने पर सूचना लीक होने के डर के चलते परिवादी ने इसकी जानकारी बुधवार को भीलवाड़ा स्थित एसीबी की विशेष शाखा में दी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया और गुरुवार को कार्रवाई को अंजाम दिया। वैसे एसीबी की कोई भी टीम प्रदेश में कहीं भी ट्रेप कार्रवाई कर सकती है।