‘शव जलाने के लिए पेड़ों की बलि ठीक नहीं
भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा
पीपुल्सफोर एनीमल्स संस्था के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने कहा है शवदाह संस्कार में पारंपरिक विधि के मामलों में एनजीटी सुप्रीम कोर्ट के चिता जलाने के तरीकों में ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने का आदेश स्वागत योग्य है। इससे देश में लगभग सात करोड़ पेड़ों को बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा है कि राजनीतिक कारणों से वनों को बढ़ाने के बजाय वनों का नाश किया जा रहा है। 1988 में बनाई गई वननीति के तहत देश में 33 फीसदी भूमि को पेड़ों से आच्छादित करने की घोषणा है जो आज तक पूरी नहीं हो पाई है। जाजू ने कहा कि संत महात्माओं को भी दाह संस्कार के मामलों में अपनी सोच बदलनी चाहिए। एलपीजी बिजली चलित शवदाह गृह तहसील मुख्यालयों पर तो होने ही चाहिए ताकि जंगल कम से कम नष्ट हो सके। राजस्थान में 22 लाख पेड़ हर साल इस कार्य में काटे जाते हैं।