डीएमआईसी के लिए जल्द बनेगी डवलपमेंट अथॉरिटी
जयपुर। प्रदेशमें दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीय कॉरिडाेर को आगे बढ़ाने के लिए सरकार बजट सत्र में स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन बिल पेश करेगी। मंगलवार को सीएमओ में कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा सेवा नियमों से जुड़े संशोधन और रिसर्जेंट राजस्थान में आए निवेश प्रस्तावों के लिए कस्टमाइज्ड पैकेज के साथ एक हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। एसआईआर एक्ट के तहत रीजनल डवलपमेंट अथॉरिटी का गठन होगा। यह अथॉरिटी डीएमआईसी के तहत घोषित विशेष निवेश क्षेत्रों को इंटीग्रेटेड टाउनशिप के रूप में विकसित करेगी। इसके लिए उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय बोर्ड बनेगा। अथॉरिटी के पास लैंड एक्विजीशन, कनर्जन, पानी-बिजली की सप्लाई के अधिकार होंगे। डीएमआईसी का 39 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान से ही होकर गुजर रहा है। इसमें कुशखेड़ा- भिवाड़ी-नीमराणा, जयपुर-दौसा, दौसा-राजसमंद-भीलवाड़ा, अजमेर-किशनगढ़ और पाली मारवाड़ हैं। इसमें पहले चरण केबीएनआर को विकसित करने के लिए भिवाड़ी इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) बनाई जाएगी।
कैबिनेट ने 1095 करोड़ के निवेश को भी मंजूरी दी है। सोमानी एक्सल भीलवाडा में, कंचन इण्डिया भीलवाड़ा के मन्द की बावड़ी तथा नानकपुरा, नितिन स्पिनर्स लिमें, हैवल्स इण्डिया, ईयाना प्रोटीन्स. पाली में प्लांट स्थापित करेगी।
बैठक में पिछली सरकार के अंतिम 6 माह में लिए गए निर्णयों की समीक्षा करने के बाद कैबिनेट ने मैसर्स एम.एस.सावा क्ले एंड मिनरल्स प्रा.लि. चित्तौड़गढ़ को सैंड वाशिंग प्लांट की स्थापना के लिए 0.36 हेक्टेयर भूमि आवंटन, मैसर्स एफ.सी.आई. अरावली जिप्सम प्रा.लि. को चित्तौड़गढ़ के ग्राम पांडोली में सिंगल सुपर फास्फेट प्लांट के लिए 11.01 हेक्टेयर, सिद्धि विनायक सीमेंट लि. को पाली के ग्राम डूंगरनगर, सिनला निम्बोल में सीमेंट प्लांट की स्थापना के लिए 139.07 बीघा तथा सीमेन्ट लि. को पाली के रास गांव में रेल्वे साइडिंग के लिए 37 बीघा भूमि देने का निर्णय लिया गया है।
केबीएनआर के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया है। अब इसमें मुआवजा अवार्ड करना शेष है। इसके लिए हुडको, रीको को 3 हजार करोड़ रुपए का लोन देने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि इसके लिए उसने सरकार की गारंटी मांगी है।