बरसों पुराने प्रकरणों का मिनटों में समाधान
राष्ट्रीयविधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जिला एवं सेशन न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें भीलवाड़ा न्याय क्षेत्र से जुड़े बैंक, एनआई, रिकवरी प्री-लिटिगेशन के करीब 452 प्रकरणों का निस्तारण हुआ।
प्राधिकरण की सचिव मोहिता भटनागर (सीजेएम)के अनुसार लोक अदालत में बैंक संबंधी 285 प्रकरण रखे गए। इनमें से 25 प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण हुआ जिसमें 33 लाख 87 हजार 972 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। एनआई एक्ट संबंधी 823 प्रकरण रखे गए। इनमें से 107 प्रकरणों का निस्तारण कर एक करोड़ 51 लाख 27 हजार 288 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। वसूली संबंधी 136 प्रकरण रखे गए। इनमें से 11 प्रकरणों का निबटारा कर दो लाख 24 हजार 43 रुपए का अवार्ड पारित किया। इसी तरह अन्य श्रेणियों के 13 प्रकरण रखे गए, इनमें से नौ का निस्तारण हुआ तथा एक लाख 80 हजार 863 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। प्री-लिटिगेशन में बैंक फाइनेंस कंपनियों के करीब 2289 प्रकरण रखे गए। इनमें से 300 प्रकरणों का निस्तारण कर एक करोड़ 28 लाख 63 हजार 547 रुपए का अवार्ड पारित किया। लंबित प्रकरणों में सर्वाधिक इंडसइंड बैंक के 13 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। प्री-लिटिगेशन में सर्वाधिक बैंक ऑफ बड़ौदा के 112 प्रकरण निबटे। लोक अदालत में बैंक अधिकारियों द्वारा कई वर्षों का ब्याज माफ करने के साथ ही मूल में भी कटौती कर प्रकरण निबटाए गए। इससे पक्षकारों को आर्थिक लाभ के साथ-साथ कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने से भी छुटकारा मिल गया। लोक अदालत में विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस कोर्ट प्रवीर भटनागर भी मौजूद थे।