सुदृढ़ तकनीक से वेस्ट का भी बेस्ट उपयोग संभव
भीलवाड़ा। एमएलवीटेक्सटाइल कॉलेज में आयोजित टैक्सटाइल तकनीक आधारित संगोष्ठी का शनिवार को समारोहपूर्वक समापन किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर मिनिट की (चेक गणराज्य) ने वेस्ट मैटीरियल के तकनीकी यूज पर प्रकाश डाला।
उन्होंने वेस्ट मैटीरियल को कैसे नई तकनीक के माध्यम से उपयोगी एवं बहुमूल्य पदार्थ में बदला जा सकता है, सहज तरीके से बताया। उन्होंने बताया कि वेस्ट फाइबर किसी तरह के भी जो पुराने कपड़े हो जाते हैं, उनमें से पुलिस सर्विस कोर्स कॉटन को अलग-अलग करने के बाद टेक्सटाइल कम्पोजिट्स में बनाकर उसका कार के पार्ट बनाने, फर्नीचर बनाने बिल्डिंग बुक में उपयोग किया जा सकता है। प्राचार्य आनंद चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया। टेक्सटाइल छात्राें ने वक्ताओं से प्रश्न भी पूछे। समन्वयक धीरेंद्र शर्मा ने बताया कि यह सेमीनार टेक्सटाइल के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। इससे उन्हें नई तकनीक जानने का मौका मिला है।