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बच्चे को खाना नहीं देती थी मां, भूख से हो गई मौत

8 वर्ष पहले
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भीलवाड़ा/आसींद. आसींद क्षेत्र के मारवों का खेड़ा में कुपोषण के शिकार 14 माह के राजू की गुरुवार रात मौत हो गई। बच्चे की मां पारस ने इसे कुछ दिन से खाना नहीं खिलाया था। घर में सही तरीके से देखभाल नहीं करने व खाना-पीना नहीं मिलने से यह बच्चा कुपोषित हो गया था।
दैनिक भास्कर ने 22 जनवरी को ‘गोद से चिपकाए मां ने बच्चे को किया कुपोषित’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस मामले को उजागर किया था। इसके बावजूद प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और नतीजतन गुरुवार रात राजू की मौत हो गई।
दैनिक भास्कर ने समाचार के माध्यम से बताया था कि बच्चे की मां पारस की दिमागी हालत ठीक नहीं है। बच्चे के पिता भैंरू सिंह तंवर महाराष्ट्र में ट्रैक्टर चलाते हैं। मानसिक रोगी मां बच्चे राजू को हर समय अपनी गोद में उठाए रहती है, परंतु वह बच्चे को न दूध पिलाती थी और न ही कुछ खिलाती थी।
गांव वाले कभी बच्चे के लिए बिस्किट या खाने-पीने की वस्तु देते थे तो राजू की मां पारस वह वस्तु खुद खा जाती थी। खबर में बताया गया था कि बच्चे को जल्द ही उपचार नहीं मिला तो उसके साथ कुछ भी सकता है। इसके बाद भी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
भारत के 50 फीसदी बच्चे होते हैं कुपोषण के शिकार
बच्चों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ के मुताबिक भारत के 50 फीसदी बच्चों की मौत कुपोषण के कारण होती है। भारत के तीन साल से कम आयु के 46 फीसदी बच्चों का शारीरीक विकास उम्र के अनुपात में कम है और 47 फीसदी बच्चों का वजन भी कम है। इनमें से 16 फीसदी बच्चों का वजन बेहद कम है और पर्याप्त पोषण और इलाज न मिलने पर इनका विकास मुश्किल है।
फोटो: दूसरे बेटे राजू की मौत के बाद अकेले बचे बड़े बेटे को खुद से चिपकाकर बैठी मां पारस।
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